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CLASS 8 • SANSKRIT • CHAPTER 1

संगच्छध्वं संवदध्वम्

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Quick answer
‘संगच्छध्वं संवदध्वम्’ कक्षा 8 संस्कृत दीपकम् का प्रथम पाठ है। ऋग्वेद के संज्ञानसूक्त के तीन मंत्र मिलकर चलने, संवाद करने, साझा संकल्प लेने और सद्भाव रखने की प्रेरणा देते हैं।
Key points
  • दीपकम् प्रथम पाठ।
  • स्रोत ऋग्वेद १०.१९१।
  • तीन वैदिक मंत्र।
  • संगच्छध्वम् का अर्थ मिलकर चलो।
  • संवदध्वम् का अर्थ संवाद करो।
  • समान मन का अर्थ सद्भाव।
  • खेल में टीमवर्क आवश्यक।
  • आकूतिः का अर्थ संकल्प।
  • मनांसि बहुवचन है।
  • समितिः सभा है।
  • प्रश्ननिर्माण में विभक्ति पहचानें।
  • लट् और लोट् के रूप अलग हैं।
  • मौलिक अभ्यास अलग हैं।
  • सम्मानपूर्ण मतभेद भी संभव हैं।

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संगच्छध्वं संवदध्वम्: पाठ-परिचय

कक्षा 8 संस्कृत दीपकम् का प्रथम पाठ। ऋग्वेद के दशम मण्डल के संज्ञानसूक्त १०.१९१ से तीन मंत्र लिए गए हैं। ‘संगच्छध्वम्’ का अर्थ मिलकर चलो और ‘संवदध्वम्’ का अर्थ मिलकर बोलो है। पाठ सामूहिक सद्भाव, संवाद और सहयोग की प्रेरणा देता है।

विद्यालय के क्रीडोत्सव में पादकन्दुक-क्रीडा का प्रसंग है। विजयी दल में सामंजस्य और सहयोग था; विपक्षी दल में मतभेद और द्वेष से तालमेल प्रभावित हुआ।

शिक्षा: एकता का अर्थ सभी की राय जबरन समान बनाना नहीं है। सम्मानपूर्वक बातचीत करके साझा उद्देश्य प्राप्त करना महत्त्वपूर्ण है।

तीन मंत्रों का अर्थ और व्याख्या

मन्त्र 1

संगच्छध्वं संवदध्वं सं वो मनांसि जानताम्।

देवा भागं यथा पूर्वे सञ्जानाना उपासते॥

हिंदी भावार्थ: मिलकर चलो, मिलकर बोलो और परस्पर मनोभावों को समझो।

मंत्र का संदेश: परस्पर संवाद

मन्त्र 2

समानो मन्त्रः समितिः समानी समानं मनः सह चित्तमेषाम्।

समानं मन्त्रमभि मन्त्रये वः समानेन वो हविषा जुहोमि॥

हिंदी भावार्थ: साझा विचार, सभा, मन और संकल्प में सामंजस्य हो।

मंत्र का संदेश: साझा निर्णय

मन्त्र 3

समानी व आकूतिः समाना हृदयानि वः।

समानमस्तु वो मनो यथा वः सुसहासति॥

हिंदी भावार्थ: तुम्हारे संकल्प और हृदयों में सद्भाव हो ताकि साथ रह सको।

मंत्र का संदेश: हृदयों में सद्भाव

26 संस्कृत शब्दार्थ

शब्दअर्थ
संगच्छध्वम्मिलकर चलो
संवदध्वम्मिलकर बोलो
मनांसिमन (बहुवचन)
सञ्जानानाःमिलकर समझते हुए
उपासतेसेवन करते हैं
पूर्वेप्राचीन
समितिःसभा
मन्त्रःविचार/संकल्प
चित्तम्चेतना
हविषाहवि द्वारा
जुहोमिआहुति देता हूँ
आकूतिःसंकल्प
हृदयानिहृदय
सौहार्दम्सद्भाव
सामञ्जस्यम्तालमेल
ऐक्यम्एकता
द्वेषभावःद्वेष
मनोभेदःमतभेद
परस्परम्एक-दूसरे के साथ
वसूनिसंपत्ति
विश्वानिसभी
श्रुतिःवेद का एक नाम
सर्वत्रहर जगह
परित्यज्यछोड़कर
क्रीडोत्सवःखेल उत्सव
पादकन्दुकःफुटबॉल

अभ्यास 1: सस्वर पाठ

अभ्यास 1. संज्ञानसूक्तं सस्वरं पठत स्मरत लिखत च।

व्याख्या: उच्चारण शिक्षक के साथ जाँचकर तीनों मंत्रों का अभ्यास करें।

उत्तरम्: वयं संज्ञानसूक्तस्य त्रीन् मन्त्रान् पठामः स्मरामः लिखामश्च।

अभ्यास 2: पूर्णवाक्येन उत्तराणि

अभ्यास 1. सर्वेषां मनः कीदृशं भवेत्?

व्याख्या: सभी के मन में सौहार्द होना चाहिए।

उत्तरम्: सर्वेषां मनः समानं सौहार्दपूर्णं च भवेत्।

अभ्यास 2. संगच्छध्वं संवदध्वम् इत्यस्य कः अभिप्रायः?

व्याख्या: साथ चलने और बोलने का संदेश है।

उत्तरम्: सर्वे मिलित्वा गच्छेयुः परस्परं च संवदेयुः।

अभ्यास 3. सर्वे किं परित्यज्य ऐक्यभावेन जीवेयुः?

व्याख्या: द्वेष और मनोभेद छोड़ना चाहिए।

उत्तरम्: सर्वे द्वेषभावं मनोभेदं च परित्यज्य ऐक्यभावेन जीवेयुः।

अभ्यास 4. अस्मिन् पाठे का प्रेरणा अस्ति?

व्याख्या: एकता और सहयोग।

उत्तरम्: अस्मिन् पाठे ऐक्यस्य सहयोगस्य च प्रेरणा अस्ति।

अभ्यास 3: प्रश्ननिर्माणम्

मूल रेखांकन की सटीक स्थिति स्वतंत्र रूप से पुष्ट नहीं है; अर्थ के अनुसार प्रश्न बनाए गए हैं।

वाक्यम्प्रश्नः
परमेश्वरः सर्वत्र व्याप्तः अस्ति।कः सर्वत्र व्याप्तः अस्ति?
वयम् ईश्वरं नमामः।वयं कम् नमामः?
वयम् ऐक्यभावेन जीवामः।वयं कथं जीवामः?
ईश्वरस्य प्रार्थनया शान्तिः प्राप्यते।कस्य प्रार्थनया शान्तिः प्राप्यते?
अहं समाजाय श्रमं करोमि।अहं कस्मै श्रमं करोमि?
अयं पाठः ऋग्वेदात् सङ्कलितः।अयं पाठः कस्मात् सङ्कलितः?
वेदस्य अपरं नाम श्रुतिः।कस्य अपरं नाम श्रुतिः?
मन्त्राः वेदेषु भवन्ति।मन्त्राः केषु भवन्ति?

अभ्यास 4: मंत्रों के भाव

मंत्र-संकेतअर्थ
संगच्छध्वं संवदध्वं सं वो मनांसि जानताम्।मिलकर चलो, मिलकर बोलो और परस्पर मनोभावों को समझो।
समानो मन्त्रः समितिः समानी समानं मनः सह चित्तमेषाम्।साझा विचार, सभा, मन और संकल्प में सामंजस्य हो।
समानी व आकूतिः समाना हृदयानि वः।तुम्हारे संकल्प और हृदयों में सद्भाव हो ताकि साथ रह सको।

यह अर्थ-बोध अभ्यास है, मूल मुद्रित अभ्यास 4 का शब्दशः पुनरुत्पादन नहीं।

अभ्यास 5: समानार्थक मिलान

पदसमानार्थक
संगच्छध्वम्मिलित्वा चलत
संवदध्वम्एकस्वरेण वदत
मनःचित्तम्
उपासतेसेवन्ते
वसूनिधनानि
विश्वानिसमस्तानि
आकूतिःसङ्कल्पः

अभ्यास 6: लट् से लोट्

लट्लोट्
बालिकाः नृत्यन्तिबालिकाः नृत्यन्तु
बालकाः हसन्तिबालकाः हसन्तु
युवां तत्र गच्छथःयुवां तत्र गच्छतम्
यूयं धावथयूयं धावत
आवां लिखावःआवां लिखाव
वयं पठामःवयं पठाम

लट् और लोट् व्याकरण

पुरुष एवं लकारएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथम लट्पठतिपठतःपठन्ति
मध्यम लट्पठसिपठथःपठथ
उत्तम लट्पठामिपठावःपठामः
प्रथम लोट्पठतुपठताम्पठन्तु
मध्यम लोट्पठपठतम्पठत
उत्तम लोट्पठानिपठावपठाम

अस्मद् और युष्मद् सर्वनाम

वाक्यव्याकरण
अहं पठामिउत्तम एकवचन
आवां पठावःउत्तम द्विवचन
वयं पठामःउत्तम बहुवचन
त्वं पठसिमध्यम एकवचन
युवां पठथःमध्यम द्विवचन
यूयं पठथमध्यम बहुवचन

20 पुनरावृत्ति प्रश्न

अभ्यास 1. संगच्छध्वम् का अर्थ?

व्याख्या: मिलकर चलने का आह्वान।

उत्तरम्: मिलकर चलो।

अभ्यास 2. संवदध्वम् का अर्थ?

व्याख्या: बातचीत का संदेश।

उत्तरम्: मिलकर बोलो।

अभ्यास 3. किस वेद से पाठ लिया गया?

व्याख्या: ऋग्वेद १०.१९१।

उत्तरम्: ऋग्वेदात्।

अभ्यास 4. कितने प्रमुख मंत्र हैं?

व्याख्या: तीन।

उत्तरम्: त्रयः मन्त्राः।

अभ्यास 5. मनांसि का अर्थ?

व्याख्या: मनस् का बहुवचन।

उत्तरम्: मन।

अभ्यास 6. आकूतिः का अर्थ?

व्याख्या: साझी इच्छा।

उत्तरम्: सङ्कल्पः।

अभ्यास 7. समितिः का अर्थ?

व्याख्या: सभा।

उत्तरम्: सभा।

अभ्यास 8. निर्णय कैसे लें?

व्याख्या: संवाद से।

उत्तरम्: विचारविनिमयेन।

अभ्यास 9. दल की सफलता कैसे?

व्याख्या: सहयोग से।

उत्तरम्: सहयोगेन।

अभ्यास 10. पादकन्दुकः क्या है?

व्याख्या: खेल।

उत्तरम्: फुटबॉल।

अभ्यास 11. वसूनि का अर्थ?

व्याख्या: संपत्ति।

उत्तरम्: धनानि।

अभ्यास 12. विश्वानि का अर्थ?

व्याख्या: सभी।

उत्तरम्: समस्तानि।

अभ्यास 13. उपासते का समानार्थक?

व्याख्या: सेवन।

उत्तरम्: सेवन्ते।

अभ्यास 14. बालकाः हसन्ति का लोट्?

व्याख्या: प्रथम बहुवचन।

उत्तरम्: बालकाः हसन्तु।

अभ्यास 15. यूयं धावथ का लोट्?

व्याख्या: मध्यम बहुवचन।

उत्तरम्: यूयं धावत।

अभ्यास 16. वयं पठामः का लोट्?

व्याख्या: उत्तम बहुवचन।

उत्तरम्: वयं पठाम।

अभ्यास 17. समाजाय का प्रश्नशब्द?

व्याख्या: चतुर्थी।

उत्तरम्: कस्मै।

अभ्यास 18. वेदेषु का प्रश्नशब्द?

व्याख्या: सप्तमी बहुवचन।

उत्तरम्: केषु।

अभ्यास 19. क्या एकता में मतभेद हो सकते हैं?

व्याख्या: सम्मानपूर्ण संवाद संभव है।

उत्तरम्: हाँ।

अभ्यास 20. मुख्य शिक्षा क्या है?

व्याख्या: सद्भाव।

उत्तरम्: ऐक्यं सहयोगश्च।

10 अतिरिक्त MCQs

अतिरिक्त MCQ 1. संगच्छध्वम्?

(क) अलग चलो | (ख) मिलकर चलो | (ग) सो जाओ | (घ) दूर जाओ

व्याख्या: पाठ के शब्दार्थ या व्याकरण के आधार पर विकल्प चुना गया है।

सही उत्तर: (ख) मिलकर चलो

अतिरिक्त MCQ 2. संवदध्वम्?

(क) संवाद करो | (ख) चुप रहो | (ग) लिखो | (घ) भागो

व्याख्या: पाठ के शब्दार्थ या व्याकरण के आधार पर विकल्प चुना गया है।

सही उत्तर: (क) संवाद करो

अतिरिक्त MCQ 3. किस वेद से?

(क) सामवेद | (ख) यजुर्वेद | (ग) ऋग्वेद | (घ) अथर्ववेद

व्याख्या: पाठ के शब्दार्थ या व्याकरण के आधार पर विकल्प चुना गया है।

सही उत्तर: (ग) ऋग्वेद

अतिरिक्त MCQ 4. आकूतिः?

(क) संकल्प | (ख) पर्वत | (ग) नदी | (घ) पुस्तक

व्याख्या: पाठ के शब्दार्थ या व्याकरण के आधार पर विकल्प चुना गया है।

सही उत्तर: (क) संकल्प

अतिरिक्त MCQ 5. समितिः?

(क) सभा | (ख) घर | (ग) वन | (घ) सागर

व्याख्या: पाठ के शब्दार्थ या व्याकरण के आधार पर विकल्प चुना गया है।

सही उत्तर: (क) सभा

अतिरिक्त MCQ 6. मनांसि?

(क) मन्त्र | (ख) मनस् | (ग) मित्र | (घ) मानव

व्याख्या: पाठ के शब्दार्थ या व्याकरण के आधार पर विकल्प चुना गया है।

सही उत्तर: (ख) मनस्

अतिरिक्त MCQ 7. हसन्ति का लोट्?

(क) हसन्तु | (ख) हसतः | (ग) हससि | (घ) हसामि

व्याख्या: पाठ के शब्दार्थ या व्याकरण के आधार पर विकल्प चुना गया है।

सही उत्तर: (क) हसन्तु

अतिरिक्त MCQ 8. गच्छथः का लोट्?

(क) गच्छन्तु | (ख) गच्छतम् | (ग) गच्छामः | (घ) गच्छति

व्याख्या: पाठ के शब्दार्थ या व्याकरण के आधार पर विकल्प चुना गया है।

सही उत्तर: (ख) गच्छतम्

अतिरिक्त MCQ 9. पठामः का लोट्?

(क) पठन्तु | (ख) पठतम् | (ग) पठाम | (घ) पठसि

व्याख्या: पाठ के शब्दार्थ या व्याकरण के आधार पर विकल्प चुना गया है।

सही उत्तर: (ग) पठाम

अतिरिक्त MCQ 10. मुख्य संदेश?

(क) द्वेष | (ख) अलगाव | (ग) अहंकार | (घ) एकता

व्याख्या: पाठ के शब्दार्थ या व्याकरण के आधार पर विकल्प चुना गया है।

सही उत्तर: (घ) एकता

HOTS और रचनात्मक गतिविधियाँ

गतिविधि 1. क्या एकता में भिन्न राय हो सकती है?

व्याख्या: सम्मानपूर्ण संवाद आवश्यक है।

उत्तरम्: हाँ, अलग राय के साथ भी साझा लक्ष्य संभव है।

गतिविधि 2. दो मित्रों में मतभेद हो तो क्या करें?

व्याख्या: दूसरे की बात सुनें।

उत्तरम्: शांतिपूर्ण संवाद से समाधान करें।

गतिविधि 3. समाना हृदयानि का अर्थ?

व्याख्या: सद्भाव का प्रतीक।

उत्तरम्: हृदयों में सहानुभूति।

गतिविधि 4. विद्यालय में सहयोग के तीन उदाहरण?

व्याख्या: मौलिक नमूना।

उत्तरम्: समूह-पठन, टीम खेल, स्वच्छता अभियान।

गतिविधि 5. चार पंक्तियों का संवाद?

व्याख्या: मौलिक उदाहरण।

उत्तरम्: छात्रः: वयं किं कुर्मः? मित्रम्: मिलित्वा पठामः। छात्रः: मतभेदः अस्ति। मित्रम्: संवदामः।

गतिविधि 6. तीनों मंत्रों का साझा संदेश?

व्याख्या: सामूहिक कल्याण।

उत्तरम्: एकता, संवाद और सहयोग।

गतिविधि 7. खेल में सहयोग की कमी का परिणाम?

व्याख्या: तालमेल बिगड़ सकता है।

उत्तरम्: दल का प्रदर्शन प्रभावित होगा।

गतिविधि 8. ऑनलाइन टीमवर्क में संदेश का प्रयोग?

व्याख्या: गोपनीयता और सम्मान आवश्यक।

उत्तरम्: सभी को बोलने का अवसर दें और स्पष्ट जिम्मेदारियाँ बाँटें।

सामान्य गलतियाँ

गलतीसुधार
संगच्छध्वम् = अकेले चलोमिलकर चलो
संवदध्वम् = चुप रहोसंवाद करो
मनांसि एकवचनबहुवचन
एकता = जबरन एक जैसी रायसम्मानपूर्ण सहमति
यूयं धावथ → धावन्तुयूयं धावत
युवां गच्छथः → गच्छन्तुयुवां गच्छतम्
वयं पठामः → पठन्तुवयं पठाम
अथर्ववेद से पाठऋग्वेद १०.१९१

स्रोत और संपादकीय सीमा

मूल पुस्तक का PDF: https://schools.aglasem.com/ncert-books-class-8-sanskrit-chapter-1/ । अभ्यास तुलना: https://www.evidyarthi.in/cbse/class-8/sanskrit-class-8/class-8-chapter-1-question-answers-deepakam-sanskrit-ncert । अभ्यास 4 और रेखांकन का शब्दशः सत्यापन शेष है। मौलिक प्रश्न मूल पुस्तक के हूबहू प्रश्न नहीं हैं।

Frequently asked questions

पाठ कौन-सा है?

दीपकम् प्रथम पाठ।

स्रोत वेद?

ऋग्वेद १०.१९१।

कितने मंत्र?

तीन।

मुख्य संदेश?

एकता और सहयोग।

संगच्छध्वम्?

मिलकर चलो।

संवदध्वम्?

मिलकर बोलो।

मनांसि?

मन, बहुवचन।

आकूतिः?

संकल्प।

समितिः?

सभा।

हविषा?

हवि द्वारा।

जुहोमि?

आहुति देता हूँ।

उपासते?

सेवन करते हैं।

सामञ्जस्यम्?

तालमेल।

ऐक्यम्?

एकता।

वसूनि?

धन।

विश्वानि?

समस्त।

श्रुतिः?

वेद का नाम।

लट्?

वर्तमानकाल।

लोट्?

आदेश या प्रेरणा।

हसन्ति का लोट्?

हसन्तु।

गच्छथः का लोट्?

गच्छतम्।

धावथ का लोट्?

धावत।

पठामः का लोट्?

पठाम।

खेल का संदेश?

टीमवर्क।

क्या मतभेद संभव हैं?

हाँ, सम्मानपूर्वक।

अतिरिक्त MCQs मूल पुस्तक के हैं?

नहीं।

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