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CLASS 8 • SANSKRIT • CHAPTER 6

डिजिभारतम् – युगपरिवर्तनम्

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Quick answer
‘डिजिभारतम् – युगपरिवर्तनम्’ कक्षा 8 संस्कृत दीपकम् का छठा पाठ है। संग्रहालय और कक्षा के संवाद के माध्यम से यह डिजिटल भारत की शासन, शिक्षा, वित्त, कृषि और व्यापार में उपयोगिता तथा साइबर सुरक्षा समझाता है। पाठ में क्त और शतृ प्रत्ययों का भी अध्ययन होता है।
Key points
  • पाठ में संग्रहालय भ्रमण और कक्षा-संवाद से डिजिटल भारत की उपयोगिता समझाई गई है।
  • हॉलोग्राम, AR, VR और AI आधुनिक डिजिटल प्रौद्योगिकियों के उदाहरण हैं।
  • DigiLocker, UPI, DIKSHA और e-NAM अलग-अलग क्षेत्रों से संबंधित हैं।
  • साइबर सुरक्षा में OTP, PIN और निजी जानकारी की गोपनीयता आवश्यक है।
  • क्त-प्रत्यय तथा शतृ-प्रत्यय पाठ के प्रमुख व्याकरण विषय हैं।

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डिजिभारतम् – युगपरिवर्तनम् — षष्ठः पाठः

कक्षा ८ | संस्कृत | दीपकम् | पाठ ६

पाठ-परिचय

यह संवादात्मक गद्य-पाठ भारत में डिजिटल प्रौद्योगिकी के उपयोग और उससे आए परिवर्तनों को समझाता है। नवदेहली के प्रधानमन्त्रिसङ्ग्रहालय में शिक्षक और विद्यार्थी हॉलोग्राम, संवर्धित वास्तविकता (AR), आभासी वास्तविकता (VR), कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डिजिटल चलचित्र देखते हैं। बाद में कक्षा में वे शासन, वित्त, शिक्षा, कृषि और व्यापार की डिजिटल सेवाओं पर चर्चा करते हैं। पाठ के अंत में साङ्गणिक-सुरक्षा अर्थात् साइबर सुरक्षा का महत्त्व भी समझाया गया है।

अधिगम-उद्देश्य

इस पाठ के अध्ययन के बाद विद्यार्थी:

  1. डिजिटल भारत के विभिन्न उपयोगों का परिचय संस्कृत और हिन्दी में दे सकेंगे।
  2. पाठ में वर्णित तकनीकों और सेवाओं का उद्देश्य पहचान सकेंगे।
  3. क्त और शतृ प्रत्ययों के उदाहरणों का सही प्रयोग कर सकेंगे।
  4. सरल संस्कृत प्रश्नों के उत्तर लिख सकेंगे।
  5. ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने के बुनियादी उपाय समझ सकेंगे।

पाठ का क्रमवार हिन्दी सार

१. प्रधानमन्त्रिसङ्ग्रहालय का भ्रमण

शिक्षक विद्यार्थियों को संग्रहालय में प्रदर्शित डिजिटल तकनीकों का परिचय कराते हैं। हॉलोग्राम से त्रिआयामी आकृति जैसी छवि दिखाई देती है। AR वास्तविक दृश्य में डिजिटल जानकारी या चित्र जोड़ती है; VR आभासी परिवेश का अनुभव कराती है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित संवादयन्त्र प्रश्नों का उत्तर देता है। डिजिटल प्रक्षेपण चलचित्र भारत की विकास-यात्रा दिखाता है।

२. डिजिटल भारत का उद्देश्य

शिक्षक बताते हैं कि डिजिटल भारत पहल का उद्देश्य डिजिटल अवसंरचना और सेवाओं के माध्यम से लोगों की सुविधा और सशक्तीकरण बढ़ाना है। पाठ का केंद्रीय विचार है कि तकनीक केवल प्रदर्शन की वस्तु नहीं, बल्कि शिक्षा, प्रशासन और दैनिक जीवन में उपयोगी साधन भी है।

३. डिजिटल शासन

पाठ में डिजि-लॉकर (DigiLocker) द्वारा दस्तावेजों के डिजिटल संग्रहण, उमंग (UMANG) द्वारा विभिन्न सरकारी सेवाओं, माय-गव (MyGov) द्वारा नागरिक सहभागिता, जेम (GeM) द्वारा सरकारी खरीद और कोविन (CoWIN) जैसे डिजिटल मंचों का उल्लेख है। इनकी वास्तविक सेवाएँ और उपलब्धता समय के साथ बदल सकती हैं; नवीनतम विवरण संबंधित आधिकारिक मंच पर जाँचें।

४. डिजिटल वित्त

यूपीआई (UPI) डिजिटल भुगतान की प्रणाली है; रूपे (RuPay) भारतीय कार्ड भुगतान नेटवर्क है। जनधन योजना वित्तीय समावेशन से संबंधित है। डिजिटल भुगतान उपयोगी है, लेकिन भुगतान की पुष्टि और प्राप्तकर्ता का नाम जाँचना आवश्यक है।

५. डिजिटल शिक्षा

दीक्षा (DIKSHA), स्वयम् (SWAYAM), स्वयंप्रभा (SWAYAM PRABHA), ई-पाठशाला, निष्ठा (NISHTHA) तथा पीएम ई-विद्या जैसी पहलों का परिचय दिया गया है। इनसे अध्ययन-सामग्री, प्रशिक्षण या शैक्षिक प्रसारण के अवसर मिल सकते हैं। उपलब्ध सामग्री, पात्रता और पहुँच अलग-अलग हो सकती है।

६. कृषि और वाणिज्य

ई-नाम (e-NAM) कृषि विपणन से संबंधित डिजिटल मंच है; पीएम-किसान किसानों से संबंधित सरकारी योजना है। ड्रोन प्रौद्योगिकी का उपयोग कृषि में निगरानी तथा अन्य कार्यों के लिए किया जा सकता है। ऑनलाइन व्यापार और QR कोड आधारित भुगतान भी डिजिटल परिवर्तन के उदाहरण हैं।

७. साङ्गणिक-सुरक्षा

शिक्षक सावधान करते हैं कि भय, लालच और असावधानी के कारण लोग साइबर अपराध के शिकार हो सकते हैं। इसलिए जागरूकता, सुरक्षित पासवर्ड, संदिग्ध लिंक से सावधानी और निजी जानकारी की रक्षा आवश्यक है।

पाठान्त का गीत — भावार्थ

पाठ के अंत में डिजिटल भारत से मिलने वाली सुविधाओं पर एक छोटा गीत आता है। इसका आशय है कि तकनीक के विकास से नागरिकों के दैनिक जीवन में अनेक कार्य अधिक सुविधाजनक हो सकते हैं। इसे सभी लोगों तक समान पहुँच होने का प्रमाण न मानें; इंटरनेट, उपकरण और डिजिटल साक्षरता की उपलब्धता में अंतर हो सकता है।

महत्त्वपूर्ण संस्कृत शब्दार्थ

संस्कृत पद हिन्दी अर्थ
सङ्ग्रहालयः संग्रहालय
प्रौद्योगिकी तकनीक
प्रदर्शिताः प्रदर्शित की गईं
उपकरणानि उपकरण
संवादयन्त्रम् बातचीत करने वाला यंत्र
कृत्रिमबुद्धिः कृत्रिम बुद्धिमत्ता
आभासीया वास्तविकता आभासी वास्तविकता
वर्धिता वास्तविकता संवर्धित वास्तविकता
डिजिटल्-प्रक्षेपणम् डिजिटल प्रोजेक्शन
अन्तर्जालम् इंटरनेट
ई-शासनम् इलेक्ट्रॉनिक शासन
सशक्तीकरणम् सक्षम बनाना
वित्तीयविनिमयः वित्तीय लेनदेन
कृषिक्षेत्रम् कृषि क्षेत्र
आशुप्रतिक्रियाकूटः QR कोड
साङ्गणिक-सुरक्षा साइबर सुरक्षा
जनजागरणम् जन-जागरूकता
लोभात् लालच के कारण
भयात् भय के कारण

व्याकरण — क्त-प्रत्ययः

क्त एक कृत्-प्रत्यय है। इसका उपयोग प्रायः पूर्ण हो चुके कार्य को व्यक्त करने वाले विशेषणात्मक रूप बनाने में होता है। कर्मवाच्य प्रयोग में कर्ता सामान्यतः तृतीया और कर्म प्रथमा विभक्ति में होता है।

धातु क्त-प्रत्ययान्त रूप हिन्दी अर्थ
पठ् पठितः पढ़ा गया
लिख् लिखितः लिखा गया
कृ कृतः किया गया
दृश् दृष्टः देखा गया
श्रु श्रुतः सुना गया
गम् गतः गया हुआ

उदाहरण:

  • बालकेन पाठः पठितः। — लड़के द्वारा पाठ पढ़ा गया।
  • बालिकया पत्रं लिखितम्। — लड़की द्वारा पत्र लिखा गया।
  • अध्यापकेन चित्रं प्रदर्शितम्। — शिक्षक द्वारा चित्र प्रदर्शित किया गया।

लिङ्ग के अनुसार रूप: पठितः (पुल्लिङ्ग), पठिता (स्त्रीलिङ्ग), पठितम् (नपुंसकलिङ्ग)।

महत्त्वपूर्ण भेद: हर क्त-प्रत्ययान्त रूप को केवल कर्मवाच्य मानना सही नहीं। उदाहरण के लिए रामः ग्रामं गतः में ‘गतः’ कर्ता के साथ प्रयुक्त है।

व्याकरण — शतृ-प्रत्ययः

शतृ वर्तमान काल में कार्य करते हुए कर्ता का बोध कराने वाला कृत्-प्रत्यय है। सामान्यतः परस्मैपदी धातुओं के साथ इसका प्रयोग होता है।

धातु पुल्लिङ्ग प्रथमा एकवचन अर्थ
पठ् पठन् पढ़ता हुआ
लिख् लिखन् लिखता हुआ
गम् गच्छन् जाता हुआ
हस् हसन् हँसता हुआ
क्रीड् क्रीडन् खेलता हुआ

उदाहरण:

  • पठन् छात्रः ज्ञानं प्राप्नोति। — पढ़ता हुआ छात्र ज्ञान प्राप्त करता है।
  • गच्छन् बालकः मित्रं पश्यति। — जाता हुआ लड़का मित्र को देखता है।
  • क्रीडन्तः बालकाः प्रसन्नाः सन्ति। — खेलते हुए बच्चे प्रसन्न हैं।

ध्यान दें: ‘पठन्’ और ‘पठति’ समान नहीं हैं। ‘पठन्’ कृदन्त विशेषणात्मक रूप है, जबकि ‘पठति’ लट्-लकार की क्रिया है।

पाठ्यपुस्तक-आधारित चयनित प्रश्नोत्तर

एकपदेन उत्तराणि

प्र. प्रधानमन्त्रिसङ्ग्रहालये कीदृशी प्रौद्योगिकी प्रयुक्ता अस्ति?
उ. डिजिटल्-प्रौद्योगिकी।

प्र. हॉलोग्राम्-द्वारा कस्य भाषणं दृश्यते?
उ. प्रधानमन्त्रिणः।

प्र. कस्याः प्रभावः दैनन्दिनजीवने दृश्यते?
उ. डिजिटल्-योजनायाः।

प्र. भारतसर्वकारस्य महत्त्वाकाङ्क्षिणी योजना का अस्ति?
उ. डिजिटल्-भारतम्।

प्र. फास्टॅग् इत्यस्य उपयोगेन कस्य सङ्ग्रहणं भवति?
उ. मार्गशुल्कस्य।

पूर्णवाक्येन उत्तराणि

प्र. प्रधानमन्त्रिसङ्ग्रहालये काः डिजिटल्-प्रौद्योगिक्यः प्रदर्शिताः सन्ति?
उ. प्रधानमन्त्रिसङ्ग्रहालये हॉलोग्राम्, वर्धिता-वास्तविकता, आभासीया-वास्तविकता, कृत्रिमबुद्धि-आधारितं संवादयन्त्रम्, डिजिटल्-प्रक्षेपण-चलच्चित्रं च प्रदर्शितानि सन्ति।

प्र. डिजि-लॉकर् इत्यस्य उपयोगः कः?
उ. डिजि-लॉकर् इत्यस्य उपयोगः डिजिटल्-दस्तावेजानां सुरक्षितसङ्ग्रहणाय भवति।

प्र. शिक्षाक्षेत्रे कानि डिजिटल्-पटलानि प्रयुज्यन्ते?
उ. शिक्षाक्षेत्रे दीक्षा, स्वयम्, स्वयंप्रभा, ई-पाठशाला इत्यादीनि डिजिटल्-पटलानि प्रयुज्यन्ते।

प्र. साङ्गणिक-सुरक्षा किमर्थम् आवश्यकी?
उ. व्यक्तिगतसूचनानां रक्षणाय साङ्गणिक-अपराधेभ्यः सुरक्षायै च साङ्गणिक-सुरक्षा आवश्यकी।

अभ्यास — शब्दवर्गीकरण

सङ्गणकसम्बद्धाः: अन्तर्जालम्, सङ्गणकः, ई-पत्रम्, डिजिटल्।
असङ्गणकसम्बद्धाः: शिक्षिका, विद्यालयः, पाठ्यपुस्तकम्, लेखनी।

यह वर्गीकरण शब्दों के सामान्य अर्थ पर आधारित है; व्यवहार में विद्यालय और शिक्षिका भी डिजिटल साधनों का उपयोग कर सकते हैं।

अभ्यास — रूपनिर्माण (अतिरिक्त)

१. पठ् + क्त → पठितः।
२. लिख् + क्त → लिखितः।
३. दृश् + क्त → दृष्टः।
४. पठ् + शतृ → पठन्।
५. गम् + शतृ → गच्छन्।

अभ्यास — रिक्तस्थानानि (अतिरिक्त)

१. ______ दस्तावेजानां डिजिटल्-सङ्ग्रहणाय उपयुज्यते। — डिजि-लॉकर्।
२. ______ एकं डिजिटल्-भुगतानमाध्यमम् अस्ति। — यूपीआय्।
३. ______ शिक्षाक्षेत्रस्य डिजिटल्-पटलम् अस्ति। — दीक्षा।
४. ______ सुरक्षायाः विषये जनजागरणम् आवश्यकम्। — साङ्गणिक।

लघु प्रश्नोत्तरी — MCQs (अतिरिक्त)

१. AR का अर्थ क्या है? (क) संवर्धित वास्तविकता (ख) बैंक कार्ड (ग) उपग्रह। उत्तर: क।
२. VR का अर्थ क्या है? (क) भुगतान प्रणाली (ख) आभासी वास्तविकता (ग) कृषि बाजार। उत्तर: ख।
३. कौन-सा मंच शिक्षा से संबंधित है? (क) दीक्षा (ख) फास्टॅग (ग) रूपे। उत्तर: क।
४. ‘पठन्’ में कौन-सा प्रत्यय है? (क) क्त (ख) शतृ (ग) तुमुन्। उत्तर: ख।
५. ‘लिखितः’ किसका उदाहरण है? (क) क्त (ख) शतृ (ग) ल्यप्। उत्तर: क।

डिजिटल सुरक्षा — विद्यार्थियों के लिए

  • OTP, UPI PIN, पासवर्ड और निजी पहचान-सूचनाएँ किसी अनजान व्यक्ति को न दें।
  • QR कोड स्कैन करते समय भुगतान और प्राप्तकर्ता का विवरण जाँचें; धन प्राप्त करने के लिए सामान्यतः UPI PIN दर्ज नहीं करना पड़ता।
  • संदिग्ध लिंक, नकली पुरस्कार और भय पैदा करने वाले संदेशों से सावधान रहें।
  • ऐप केवल विश्वसनीय स्रोत से स्थापित करें और आवश्यक अनुमति ही दें।
  • ऑनलाइन धोखाधड़ी की आशंका हो तो तुरंत अभिभावक या विश्वसनीय वयस्क को बताएँ; भारत में आधिकारिक साइबर-अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल https://cybercrime.gov.in/ है।

भारतीय ज्ञानपरम्परा — सावधानी सहित

पाठ के विस्तार-अंश में पिंगलाचार्य के छन्दशास्त्र तथा आर्यभट के गणितीय योगदान का उल्लेख मिलता है। प्राचीन गणितीय विचारों और आधुनिक बाइनरी कंप्यूटिंग के बीच समानताएँ अध्ययन का विषय हो सकती हैं, पर यह कहना कि आधुनिक कंप्यूटर सीधे इन्हीं ग्रंथों से विकसित हुए, स्वतंत्र ऐतिहासिक प्रमाण के बिना उचित नहीं है।

सामान्य त्रुटियाँ

  • AR और VR एक ही तकनीक नहीं हैं।
  • डिजि-लॉकर दस्तावेजों के लिए है; UPI भुगतान के लिए।
  • क्त प्रायः पूर्ण क्रिया से संबंधित रूप बनाता है; शतृ वर्तमान में कार्य करते हुए कर्ता का बोध कराता है।
  • डिजिटल सेवाओं की उपलब्धता सभी स्थानों और सभी नागरिकों के लिए एक जैसी नहीं होती।
  • किसी ऑनलाइन संवादयन्त्र या AI के उत्तर को बिना जाँच अंतिम सत्य न मानें।

पाठ-सार

‘डिजिभारतम् – युगपरिवर्तनम्’ तकनीकी प्रगति को संग्रहालय और कक्षा के संवाद के माध्यम से प्रस्तुत करता है। शासन, शिक्षा, वित्त, कृषि और व्यापार में डिजिटल साधनों की उपयोगिता बताने के साथ साइबर सुरक्षा पर बल देता है। संस्कृत व्याकरण में क्त-प्रत्यय तथा शतृ-प्रत्यय प्रमुख हैं।

स्रोत और सामग्री-सीमा

प्राथमिक पाठ्यस्रोत: NCERT, दीपकम्, कक्षा ८, षष्ठः पाठः — https://ncert.nic.in/textbook.php?hsde1=1-13 । सहायक अध्याय-संदर्भ: https://schools.aglasem.com/ncert-books-class-8-sanskrit-chapter-6/ । यहाँ पाठ-आधारित चयनित उत्तर, व्याकरण तथा स्पष्ट रूप से चिह्नित अतिरिक्त अभ्यास दिए गए हैं। मूल NCERT पुस्तक के सभी नौ अभ्यास-समूहों के प्रत्येक प्रश्न का पूर्ण सत्यापित समाधान अभी शेष है।

Frequently asked questions

‘डिजिभारतम् – युगपरिवर्तनम्’ पाठ किस विषय पर है?

यह पाठ डिजिटल भारत के माध्यम से शासन, शिक्षा, वित्त, कृषि और व्यापार में तकनीकी परिवर्तन तथा साइबर सुरक्षा के बारे में है।

प्रधानमन्त्रिसङ्ग्रहालय में कौन-सी तकनीकें दिखाई गई हैं?

हॉलोग्राम, संवर्धित वास्तविकता (AR), आभासी वास्तविकता (VR), AI आधारित संवादयन्त्र और डिजिटल प्रक्षेपण चलचित्र।

डिजि-लॉकर का क्या उपयोग है?

डिजि-लॉकर दस्तावेजों के डिजिटल संग्रहण और उपलब्ध कराने से संबंधित सेवा है।

क्त-प्रत्यय के उदाहरण क्या हैं?

पठितः, लिखितः, कृतः और दृष्टः क्त-प्रत्ययान्त रूपों के उदाहरण हैं।

शतृ-प्रत्यय के उदाहरण क्या हैं?

पठन्, लिखन्, गच्छन् और हसन् शतृ-प्रत्ययान्त रूपों के उदाहरण हैं।

विद्यार्थी साइबर धोखाधड़ी से कैसे बच सकते हैं?

OTP, UPI PIN और पासवर्ड साझा न करें; संदिग्ध लिंक से बचें, भुगतान की जानकारी जाँचें और समस्या होने पर विश्वसनीय वयस्क को बताएँ।

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