Skip to content
CLASS 8 • HINDI • CHAPTER 8

नए मेहमान

Explore the published notes, key concepts and questions for this chapter.

Quick answer
‘नए मेहमान’ उदयशंकर भट्ट का कक्षा 8 हिंदी मल्हार पाठ 8 का हास्य-एकांकी है। नन्हेमल और बाबूलाल गलती से विश्वनाथ और रेवती के घर पहुँचते हैं। बाद में पता चलता है कि उन्हें कविराज रामलाल वैद्य के यहाँ जाना था। अंत में रेवती का भाई आता है और नया हास्यपूर्ण मोड़ पैदा होता है।
Key points
  • लेखक उदयशंकर भट्ट हैं और रचना हास्य-एकांकी है।
  • विश्वनाथ और रेवती छोटे किराये के मकान में रहते हैं।
  • गरमी और सिरदर्द के कारण रेवती परेशान है।
  • नन्हेमल और बाबूलाल गलत पते पर आ जाते हैं।
  • वे बिस्तर और संदूक लेकर आते हैं।
  • विश्वनाथ सामाजिक संकोच से परिचय नहीं पूछ पाते।
  • पानी और छत के उपयोग से असुविधा बढ़ती है।
  • पड़ोसी से विवाद होता है।
  • आगंतुक कविराज रामलाल वैद्य के घर जाना चाहते थे।
  • अंत में रेवती का भाई आता है और उसकी प्रतिक्रिया बदलती है।
  • संवाद, मंच-निर्देश और विडंबना एकांकी के प्रमुख तत्व हैं।
  • अतिथि-सत्कार के साथ स्पष्ट संवाद और सीमाएँ जरूरी हैं।
  • मौलिक संवाद और अतिरिक्त MCQs को पाठ्यपुस्तक के मूल पाठ से अलग बताया गया है।

Use these notes alongside your current textbook. Check important formulas, worked answers and syllabus coverage with your teacher or official learning material.

नए मेहमान - NCERT कक्षा 8 हिंदी मल्हार, पाठ 8

सीधा उत्तर: उदयशंकर भट्ट के हास्य-एकांकी ‘नए मेहमान’ में विश्वनाथ और रेवती के छोटे, गरम मकान में नन्हेमल तथा बाबूलाल नामक दो अपरिचित अतिथि गलती से आ जाते हैं। परिवार संकोचवश उनकी सेवा करता है। अंत में पता चलता है कि वे कविराज रामलाल वैद्य के मेहमान हैं; तभी रेवती का भाई आ पहुँचता है।

पुस्तक: NCERT मल्हार, कक्षा 8; पाठ: 8; लेखक: उदयशंकर भट्ट; विधा: हास्य-एकांकी।

लेखक और विधा

उदयशंकर भट्ट हिंदी के नाटककार और एकांकीकार थे। ‘नए मेहमान’ एक हास्यप्रधान एकांकी है। एकांकी एक अंक में प्रस्तुत नाट्यरचना होती है, जिसमें सीमित पात्र, स्थान और समय के भीतर एक प्रमुख घटना विकसित होती है। इस पाठ में संवाद और मंच-निर्देश मिलकर एक छोटे शहरी परिवार की परेशानी तथा सामाजिक संकोच दिखाते हैं।

मंच और आरंभिक परिस्थिति

घटना बड़े नगर के एक छोटे किराये के मकान में भीषण गरमी की रात घटती है। रात लगभग आठ बजे भी कमरा भट्टी की तरह गरम है। पुराना पंखा पर्याप्त हवा नहीं देता। परिवार के लिए छत और सोने की जगह कम है। विश्वनाथ, पत्नी रेवती और बच्चे परेशान हैं। रेवती के सिर में कई दिनों से दर्द है।

पड़ोसी और जगह की समस्या

घर में हवा तथा आराम की कमी है, लेकिन पड़ोसी अपनी छत का उपयोग करने नहीं देते। इस स्थिति से विश्वनाथ और रेवती के संवादों में झुंझलाहट आती है। लेखक सीमित शहरी आवास, पड़ोसियों के तनाव और रोजमर्रा की असुविधाओं को यथार्थपूर्ण ढंग से दिखाते हैं।

रेवती की आशंका

रेवती चाहती है कि इस गरमी और बीमारी के समय कोई अतिथि न आए, क्योंकि ठहरने और भोजन की व्यवस्था करना कठिन होगा। उसकी इच्छा अतिथि-विरोध नहीं, बल्कि घर की वास्तविक कठिनाइयों और स्वास्थ्य की परेशानी से जुड़ी है।

नन्हेमल और बाबूलाल का अचानक आगमन

तभी नन्हेमल और बाबूलाल नामक दो व्यक्ति बिस्तर और संदूक लेकर आते हैं। विश्वनाथ उन्हें पहचान नहीं पाते, पर शिष्टाचार के कारण सीधे मना नहीं कर पाते। आगंतुक बिना पर्याप्त परिचय दिए अपने को घर का मेहमान मानकर बैठ जाते हैं। यहीं से नाटकीय भ्रम और हास्य शुरू होता है।

पानी, पंखे और स्नान की माँग

गरमी से बेहाल दोनों व्यक्ति खूब पानी पीते हैं, पंखे की ओर ध्यान दिलाते हैं और नहाने की व्यवस्था चाहते हैं। बच्चे बड़ों के निर्देश मानकर उनकी सेवा करते हैं। आगंतुक बच्चों को ‘सीधे लड़के’ कहते हैं। परिवार की असुविधा बढ़ती जाती है, जबकि मेहमानों को अपनी भूल का पता नहीं चलता।

भोजन की दुविधा और घरेलू तनाव

अतिथियों के लिए भोजन बनाना रेवती के लिए कठिन है, क्योंकि वह पहले से अस्वस्थ और थकी हुई है। विश्वनाथ संकोच तथा आतिथ्य के सामाजिक दबाव के बीच फँसते हैं। दोनों की प्रतिक्रियाएँ हास्यपूर्ण होते हुए भी घर के श्रम और सीमित साधनों का प्रश्न उठाती हैं।

छत पर पानी और पड़ोसी से विवाद

अतिथि स्नान और हाथ धोने के दौरान पानी फैलाते हैं, जिससे पड़ोसी की शिकायत और झगड़ा पैदा होता है। इस दृश्य से घर की सीमित जगह, पड़ोसियों का तनाव और अतिथियों के व्यवहार से उपजी नई मुश्किलें सामने आती हैं।

परिचय का रहस्य खुलना

विश्वनाथ कई बार जानना चाहते हैं कि अतिथि वास्तव में किससे मिलने आए हैं। अंत में स्पष्ट होता है कि नन्हेमल और बाबूलाल को पिछली गली के कविराज रामलाल वैद्य के घर जाना था। वे गलत मकान में आ गए थे। पूरी रात की उलझन का कारण गलत पहचान निकलता है।

रेवती के भाई का आगमन और अंतिम विडंबना

गलत पते वाले अतिथि चले जाते हैं। तभी रेवती का अपना भाई पहुँचता है। अब वही रेवती, जो मेहमान न आने की प्रार्थना कर रही थी, भाई को देखकर प्रसन्न होती है और उसके लिए भोजन बनाने को तैयार हो जाती है। इस विरोध से एकांकी का हास्यपूर्ण अंत बनता है और अपनापन तथा सामाजिक औपचारिकता के अंतर पर विचार करने का अवसर मिलता है।

पात्र परिचय और चरित्र-चित्रण

पात्रभूमिका और स्वभाव
विश्वनाथघर के मुखिया; शिष्टाचार निभाना चाहते हैं, लेकिन अचानक आए अजनबियों और परिवार की परेशानी के बीच असमंजस में पड़ते हैं।
रेवतीविश्वनाथ की पत्नी; अस्वस्थता और घरेलू जिम्मेदारियों से परेशान, फिर भी भाई के आगमन पर स्नेहपूर्ण प्रतिक्रिया देती हैं।
प्रमोद और किरणपरिवार के बच्चे; निर्देश मानकर अतिथियों की सहायता करते हैं।
नन्हेमल और बाबूलालगलत पते पर पहुँचे आगंतुक; अनजाने में परिवार की असुविधा और हास्यपूर्ण घटनाओं का कारण बनते हैं।
पड़ोसीछत और पानी के उपयोग पर विवाद का कारण बनता है; शहरी सहजीवन की कठिनाई को उभारता है।
रेवती का भाईअंत में आता है और रेवती की प्रतिक्रिया बदलकर अंतिम नाटकीय विरोधाभास पैदा करता है।

घटनाक्रम: दस चरणों में

  1. गरमी की रात में परिवार छोटे किराये के घर में परेशान है।
  2. रेवती सिरदर्द और असुविधाओं के कारण अतिथियों के न आने की कामना करती है।
  3. नन्हेमल और बाबूलाल अचानक बिस्तर तथा संदूक लेकर पहुँचते हैं।
  4. विश्वनाथ संकोच में उन्हें पहचानने की कोशिश करते हैं।
  5. आगंतुक पानी, पंखे और स्नान की सुविधाएँ चाहते हैं।
  6. बच्चे उनकी सहायता करते हैं; रेवती पर भोजन की जिम्मेदारी बढ़ती है।
  7. छत पर पानी के कारण पड़ोसी से विवाद होता है।
  8. मेहमानों की वास्तविक पहचान पूछने पर भ्रम खुलता है।
  9. पता चलता है कि वे कविराज रामलाल वैद्य के यहाँ जाने वाले थे।
  10. रेवती का भाई आता है और वह प्रसन्न होकर स्वागत करती है।

शब्दार्थ: 24 उपयोगी शब्द

शब्दसरल अर्थ
एकांकीएक अंक में पूरी होने वाली नाट्यरचना
नेपथ्यमंच के पीछे का भाग
यवनिकामंच का पर्दा
रंगमंचनाटक प्रस्तुत करने का स्थान
मंच-निर्देशअभिनय, गति और दृश्य से जुड़े निर्देश
आगंतुकआने वाला व्यक्ति
अतिथिमेहमान
बंडीबिना बाँह का छोटा कोट
पगड़ीसिर पर बाँधा जाने वाला कपड़ा
संदूकसामान रखने का बड़ा बक्सा
खाटचारपाई
भट्टीबहुत गरम होने वाला स्थान
हबड़-तबड़जल्दबाजी या हड़बड़ी
निर्दयीदया न करने वाला
नकदसिक्कों या नोटों के रूप में धन
हर्जहानि, नुकसान
सलवटसिकुड़न
किराये का मकानकिराया देकर रहने का घर
खातिरदारीआतिथ्य और सेवा
संकोचझिझक
असुविधापरेशानी
विवशतामजबूरी
विडंबनाअपेक्षा और वास्तविकता के बीच विरोध
अतिशयोक्तिकिसी बात को प्रभाव के लिए बढ़ा-चढ़ाकर कहना

मेरी समझ से: पाँच पूरे बहुविकल्पीय प्रश्न और व्याख्या

ये पाठ-आधारित संपादित MCQs हैं। मुद्रित NCERT के प्रश्नों और विकल्पों की शब्दशः समानता स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं है।

प्रश्न 1. आगंतुकों ने विश्वनाथ के बच्चों को ‘सीधे लड़के’ क्यों कहा?

(क) वे बहुत शोर मचाते थे | (ख) वे बिना बहस बड़ों के निर्देश मानते थे | (ग) वे मेहमानों को पहचानते थे | (घ) वे घर से चले गए थे

व्याख्या: बच्चे निर्देशों के अनुसार अतिथियों की सहायता करते हैं।

सही उत्तर: (ख) वे बिना बहस बड़ों के निर्देश मानते थे

प्रश्न 2. विश्वनाथ पड़ोसी को निर्दयी क्यों मानते हैं?

(क) पड़ोसी ने उपहार नहीं दिया | (ख) पड़ोसी उनकी जगह और गरमी की कठिनाई नहीं समझता | (ग) पड़ोसी मेहमानों को पहचानता था | (घ) पड़ोसी ने भोजन माँगा

व्याख्या: छत और सीमित स्थान को लेकर तनाव है।

सही उत्तर: (ख) पड़ोसी उनकी जगह और गरमी की कठिनाई नहीं समझता

प्रश्न 3. रेवती मेहमान न आने की कामना क्यों करती है?

(क) उसे बातचीत पसंद नहीं | (ख) घर में गरमी, अस्वस्थता और व्यवस्था की कमी है | (ग) वह शहर छोड़ना चाहती है | (घ) बच्चे बाहर गए हैं

व्याख्या: उसकी चिंता घर की वास्तविक स्थिति से जुड़ी है।

सही उत्तर: (ख) घर में गरमी, अस्वस्थता और व्यवस्था की कमी है

प्रश्न 4. दो आगंतुक किसके घर जाना चाहते थे?

(क) विश्वनाथ के | (ख) रेवती के भाई के | (ग) कविराज रामलाल वैद्य के | (घ) पड़ोसी के

व्याख्या: अंत में गलत पते का भ्रम खुलता है।

सही उत्तर: (ग) कविराज रामलाल वैद्य के

प्रश्न 5. एकांकी के अंत में रेवती का व्यवहार क्यों बदलता है?

(क) मौसम बदल जाता है | (ख) उसका भाई आता है | (ग) अतिथि लौट आते हैं | (घ) बिजली चली जाती है

व्याख्या: अपने भाई से लगाव के कारण वह स्वागत के लिए उत्साहित होती है।

सही उत्तर: (ख) उसका भाई आता है

पंक्तियों पर चर्चा: पाँच पूरे प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1. आगंतुकों के बार-बार पानी पीने पर भी प्यास न बुझने से क्या भाव प्रकट होता है?

व्याख्या: यह अत्यधिक गरमी और शारीरिक बेचैनी का वर्णन है।

उत्तर: भीषण गरमी में पानी पीने पर भी अतिथियों को पर्याप्त राहत नहीं मिल रही थी।

प्रश्न 2. ‘शहर में आग बरसना’ कथन का आशय क्या है?

व्याख्या: यह अतिशयोक्तिपूर्ण भाषा है, वास्तविक आग नहीं बरसती।

उत्तर: शहर में असहनीय गरमी पड़ रही थी।

प्रश्न 3. ‘चने की तरह भाड़ में भुनना’ से किस स्थिति का वर्णन है?

व्याख्या: भाड़ की तपन से तुलना करके कमरे की गरमी दिखाई गई है।

उत्तर: छोटे, बंद और गरम मकान में रहना कठिन था।

प्रश्न 4. ‘जान में जान आना’ का क्या अर्थ है?

व्याख्या: यह राहत मिलने की स्थिति बताने वाला मुहावरा है।

उत्तर: कठिनाई के बाद राहत और स्फूर्ति महसूस होना।

प्रश्न 5. रेवती के मेहमान न आने की इच्छा और भाई के स्वागत में क्या विरोध है?

व्याख्या: अपरिचित अतिथियों के श्रम और भाई के प्रति अपनापन अलग प्रतिक्रियाएँ उत्पन्न करते हैं।

उत्तर: यही विरोध अंत में परिस्थितिजन्य हास्य पैदा करता है।

सोच-विचार के लिए: बारह विस्तृत प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1. विश्वनाथ के मकान को ‘ऐसे ही मकान’ क्यों कहा गया है?

व्याख्या: तंग शहरों के कई किराये के मकानों में जगह और हवा की कमी होती है।

उत्तर: यह छोटे, गरम और असुविधाजनक शहरी मकान का संकेत है।

प्रश्न 2. विश्वनाथ ने आगंतुकों से उनका पूरा परिचय तुरंत क्यों नहीं पूछा?

व्याख्या: सामाजिक संकोच और अतिथि-सत्कार की अपेक्षा उन्हें रोकती है।

उत्तर: वे सीधे पूछने में झिझकते हैं, जिससे गलतफहमी बढ़ती है।

प्रश्न 3. नन्हेमल और बाबूलाल की गलती क्या थी?

व्याख्या: वे सही पते की पुष्टि किए बिना घर में ठहरने लगे।

उत्तर: वे कविराज रामलाल वैद्य के बजाय विश्वनाथ के घर पहुँच गए।

प्रश्न 4. रेवती की चिंता उचित क्यों थी?

व्याख्या: वह अस्वस्थ थी और घर में स्थान तथा साधन कम थे।

उत्तर: अचानक मेहमान आने से भोजन और ठहरने का अतिरिक्त काम बढ़ता था।

प्रश्न 5. पड़ोसी के साथ विवाद कैसे बढ़ा?

व्याख्या: छत, जगह और पानी के उपयोग पर असहमति थी।

उत्तर: बातचीत की कमी से घरेलू असुविधा झगड़े में बदल गई।

प्रश्न 6. अतिथियों का परिचय पहले स्पष्ट होता तो क्या बदलता?

व्याख्या: गलत घर आने का भ्रम जल्दी दूर हो जाता।

उत्तर: विश्वनाथ का परिवार अनावश्यक परेशानियों से बच जाता।

प्रश्न 7. एकांकी में हास्य कैसे उत्पन्न होता है?

व्याख्या: संवाद, गलत पहचान, शिष्टाचार का संकोच और अंतिम उलटफेर मिलकर हास्य बनाते हैं।

उत्तर: गलत पते वाले मेहमानों की खातिरदारी और भाई के आगमन का विरोध मुख्य कारण हैं।

प्रश्न 8. क्या अतिथि-सत्कार का अर्थ अपनी सीमाएँ छिपाना है?

व्याख्या: शिष्टाचार के साथ उपलब्ध संसाधन और स्वास्थ्य की सीमा बताना उचित है।

उत्तर: नहीं। सम्मानपूर्वक स्पष्ट संवाद करना बेहतर है।

प्रश्न 9. रेवती के चरित्र की दो विशेषताएँ बताइए।

व्याख्या: वह घरेलू जिम्मेदारी निभाती है और अपने भाई से स्नेह रखती है।

उत्तर: वह व्यावहारिक तथा स्नेहशील है, हालाँकि परेशानी में झुंझलाती है।

प्रश्न 10. विश्वनाथ का संकोच कहानी को कैसे आगे बढ़ाता है?

व्याख्या: यदि वे परिचय तुरंत पूछ लेते तो मुख्य भ्रम समाप्त हो जाता।

उत्तर: उनकी झिझक गलतफहमी को लंबा करती है और हास्य बढ़ाती है।

प्रश्न 11. एकांकी में मंच-निर्देश क्यों महत्त्वपूर्ण हैं?

व्याख्या: मंच-निर्देश अभिनेता को हावभाव, प्रवेश, वस्तुओं और गति की जानकारी देते हैं।

उत्तर: वे लिखित संवाद को मंच पर प्रभावी दृश्य में बदलते हैं।

प्रश्न 12. अंत में रेवती अपने भाई के लिए उत्साहित क्यों होती है?

व्याख्या: परिचित और प्रिय संबंध उसकी प्रतिक्रिया बदल देता है।

उत्तर: भाई के प्रति अपनापन और स्नेह के कारण।

एकांकी की रचना: पूरे प्रश्न और नाट्य-विश्लेषण

पूरा प्रश्नस्पष्ट उत्तरएकांकी से उदाहरण
‘नए मेहमान’ किस साहित्यिक विधा में लिखा गया है?हास्यप्रधान एकांकी।एक अंक में एक मुख्य घटना विकसित होती है।
एकांकी का प्रमुख स्थान क्या है?विश्वनाथ का छोटा किराये का मकान।अधिकांश दृश्य घर के भीतर और आसपास घटते हैं।
मुख्य संघर्ष क्या है?गलत घर आए अतिथियों की सेवा और परिवार की असुविधा।विश्वनाथ संकोच में परिचय नहीं पूछ पाते।
चरम बिंदु क्या है?आगंतुकों का सही पता सामने आना।वे कविराज रामलाल वैद्य के घर जाना चाहते थे।
अंत में कौन-सी नई घटना होती है?रेवती का भाई आता है।रेवती का बदला व्यवहार हास्यपूर्ण अंत बनाता है।
‘यवनिका’ का क्या अर्थ है?मंच का पर्दा।नाटक की समाप्ति का संकेत।
संवादों का क्या काम है?पात्रों की भावनाएँ और कथा आगे बढ़ाना।गरमी, संकोच और उलझन संवादों से दिखते हैं।
मंच-निर्देश क्या बताते हैं?हावभाव, प्रवेश, वस्तुएँ और दृश्य की स्थिति।पंखा, पानी, बिस्तर और संदूक का उपयोग।

एकांकी और कहानी में अंतर

एकांकीकहानी
अभिनय के लिए संवाद और मंच-निर्देशप्रायः कथावाचक द्वारा वर्णन
एक अंक और सीमित समय में प्रस्तुतिघटनाओं का समय और विस्तार अलग-अलग हो सकता है
अभिनेता पात्रों को मंच पर जीवित करते हैंपाठक वर्णन से दृश्य की कल्पना करता है

अभिनय की बारी: मंचन के प्रश्न और सुरक्षित अभ्यास

प्रश्न 1. इस एकांकी के मंचन के लिए कौन-कौन से पात्र चाहिए?

व्याख्या: मंच पर प्रमुख पात्रों के संवाद और प्रवेश की व्यवस्था करें।

उत्तर: विश्वनाथ, रेवती, प्रमोद, किरण, नन्हेमल, बाबूलाल, पड़ोसी और रेवती का भाई।

प्रश्न 2. मंच पर भीषण गरमी का प्रभाव कैसे दिखाएँगे?

व्याख्या: हावभाव और सुरक्षित प्रकाश-व्यवस्था पर्याप्त हैं।

उत्तर: पसीना पोंछने का अभिनय, हाथ से हवा करना और थकी आवाज में बोलना।

प्रश्न 3. गलत पहचान का दृश्य कैसे प्रस्तुत करेंगे?

व्याख्या: संकोचपूर्ण विराम, एक-दूसरे को देखना और पूछने में झिझक दिखाएँ।

उत्तर: विश्वनाथ परिचय पूछना चाहते हैं, पर बात घुमाते हैं; अतिथि आराम से बैठ जाते हैं।

प्रश्न 4. मंचन में किन वस्तुओं की आवश्यकता होगी?

व्याख्या: वस्तुओं के हल्के और सुरक्षित विकल्प उपयोग करें।

उत्तर: कुर्सी, खाट का प्रतीक, लोटा, नकली संदूक, बिस्तर और बिना जोखिम वाला पंखा।

प्रश्न 5. अंतिम दृश्य में हास्य कैसे बढ़ाएँगे?

व्याख्या: भाई को देखकर रेवती के स्वर और चेहरे का बदलना दिखाएँ।

उत्तर: थकी हुई रेवती अचानक प्रसन्न होकर स्वागत करती है।

भाषा की बात: मुहावरे, अर्थ और पूरे वाक्य

पूरा प्रश्नसही अर्थमौलिक उदाहरण
‘जान में जान आना’ का अर्थ और वाक्य लिखिए।राहत मिलना।बिजली लौटते ही सबकी जान में जान आई।
‘आग बरसना’ का अर्थ और वाक्य लिखिए।बहुत अधिक गरमी होना।दोपहर में मानो आग बरस रही थी।
‘चने की तरह भुनना’ का अर्थ और वाक्य लिखिए।भीषण गरमी से परेशान होना।बंद कमरे में सब चने की तरह भुन रहे थे।
‘दिन-रात एक करना’ का अर्थ और वाक्य लिखिए।बहुत परिश्रम करना।मंचन की तैयारी में बच्चों ने दिन-रात एक कर दिया।
‘खाक में मिलना’ का अर्थ और वाक्य लिखिए।नष्ट हो जाना।गलतफहमी से पूरी योजना खाक में मिल गई।
‘प्यास न बुझना’ का अर्थ और वाक्य लिखिए।पानी पीने पर भी प्यास बने रहना।तेज गरमी में उसकी प्यास नहीं बुझ रही थी।

बात पर बल देना: अर्थ कैसे बदलता है?

पूरा प्रश्नबल दिया गया शब्दअर्थ में परिवर्तन
‘मैंने पानी दिया’ में ‘मैंने’ पर बल देकर बोलिए।मैंनेदूसरे नहीं, बोलने वाले ने पानी दिया।
‘मैंने पानी दिया’ में ‘पानी’ पर बल देकर बोलिए।पानीकिस वस्तु को दिया गया, उस पर बल है।
‘आज मेहमान आए हैं’ में ‘आज’ पर बल देकर बोलिए।आजआने के समय पर बल है।
‘आज मेहमान आए हैं’ में ‘मेहमान’ पर बल देकर बोलिए।मेहमानकौन आया है, उस पर बल है।
‘वे गलत घर आए’ में ‘गलत’ पर बल देकर बोलिए।गलतघर की पहचान में भूल पर बल है।

हास्य और विडंबना के साधन

परिस्थितिजन्य हास्य

गलत घर में पहुँचे अतिथि पूरी सुविधा माँगते हैं, जबकि परिवार उन्हें पहचानता ही नहीं।

संवादजन्य हास्य

शिष्टाचार और झुंझलाहट के बीच विश्वनाथ तथा रेवती के संवाद हास्य पैदा करते हैं।

नाटकीय विडंबना

रेवती पहले मेहमान न आने की कामना करती है, लेकिन अपने भाई के आते ही खुशी से भोजन बनाने लगती है।

सामाजिक टिप्पणी

लेखक अतिथि-सत्कार, सीमित संसाधनों, घरेलू श्रम और शहरी पड़ोस के संबंधों पर विचार करने को प्रेरित करते हैं।

बीस पुनरावृत्ति प्रश्न: व्याख्या और स्पष्ट उत्तर

अभ्यास 1. ‘नए मेहमान’ के लेखक कौन हैं?

व्याख्या: पाठ उदयशंकर भट्ट की रचना है।

उत्तर: उदयशंकर भट्ट।

अभ्यास 2. यह किस विधा की रचना है?

व्याख्या: एक अंक का हास्यप्रधान नाटक है।

उत्तर: हास्य-एकांकी।

अभ्यास 3. विश्वनाथ की पत्नी कौन है?

व्याख्या: घर की जिम्मेदारियों से परेशान पात्र है।

उत्तर: रेवती।

अभ्यास 4. विश्वनाथ के बच्चों के नाम क्या हैं?

व्याख्या: पाठ में दो बच्चे हैं।

उत्तर: प्रमोद और किरण।

अभ्यास 5. दो आगंतुक कौन थे?

व्याख्या: वे गलत पते पर आ गए थे।

उत्तर: नन्हेमल और बाबूलाल।

अभ्यास 6. वे कहाँ जाना चाहते थे?

व्याख्या: अंत में सही पता स्पष्ट होता है।

उत्तर: कविराज रामलाल वैद्य के घर।

अभ्यास 7. मकान की सबसे बड़ी असुविधा क्या थी?

व्याख्या: घर छोटा और गरम था।

उत्तर: कम जगह और भीषण गरमी।

अभ्यास 8. रेवती क्यों परेशान थी?

व्याख्या: वह अस्वस्थ थी और अतिरिक्त घरेलू काम बढ़ सकता था।

उत्तर: गरमी, सिरदर्द और अतिथियों की व्यवस्था की चिंता।

अभ्यास 9. अतिथि बच्चों को ‘सीधे’ क्यों कहते हैं?

व्याख्या: बच्चे बड़ों की बात मानते हैं।

उत्तर: वे निर्देशों के अनुसार सेवा करते हैं।

अभ्यास 10. विश्वनाथ सीधे परिचय क्यों नहीं पूछते?

व्याख्या: अतिथि-सत्कार का सामाजिक संकोच है।

उत्तर: वे झिझकते हैं।

अभ्यास 11. पड़ोसी से झगड़ा क्यों हुआ?

व्याख्या: छत और पानी को लेकर तनाव था।

उत्तर: जगह तथा पानी के उपयोग पर विवाद।

अभ्यास 12. अतिथि अपने साथ क्या लाए थे?

व्याख्या: वे ठहरने के लिए आए प्रतीत होते थे।

उत्तर: बिस्तर और संदूक।

अभ्यास 13. ‘यवनिका’ का अर्थ क्या है?

व्याख्या: नाटक के मंच से संबंधित शब्द है।

उत्तर: पर्दा।

अभ्यास 14. ‘नेपथ्य’ क्या है?

व्याख्या: मंच का पीछे का भाग।

उत्तर: पर्दे के पीछे का क्षेत्र।

अभ्यास 15. ‘खातिरदारी’ क्या है?

व्याख्या: अतिथियों की सेवा करना।

उत्तर: आतिथ्य-सत्कार।

अभ्यास 16. ‘संकोच’ का अर्थ क्या है?

व्याख्या: झिझक का भाव।

उत्तर: झिझक।

अभ्यास 17. ‘विडंबना’ क्या है?

व्याख्या: अपेक्षा और परिणाम में विरोध।

उत्तर: विरोधाभासी स्थिति।

अभ्यास 18. एकांकी का मुख्य हास्य क्या है?

व्याख्या: अतिथि गलत घर में आते हैं।

उत्तर: गलत पहचान और संकोच से उपजा हास्य।

अभ्यास 19. अंत में कौन आता है?

व्याख्या: गलत मेहमानों के बाद एक अपना संबंधी आता है।

उत्तर: रेवती का भाई।

अभ्यास 20. कहानी का प्रमुख संदेश क्या है?

व्याख्या: अतिथि-सत्कार के साथ स्पष्ट संवाद भी जरूरी है।

उत्तर: शिष्टाचार, संवाद और व्यक्तिगत सीमाओं में संतुलन।

दस अतिरिक्त MCQs: पूरे विकल्प और व्याख्या

अतिरिक्त MCQ 1. ‘नए मेहमान’ के लेखक कौन हैं?

(क) उदयशंकर भट्ट | (ख) माधवराव सप्रे | (ग) महादेवी वर्मा | (घ) कबीर

व्याख्या: लेखक उदयशंकर भट्ट हैं।

सही उत्तर: (क) उदयशंकर भट्ट

अतिरिक्त MCQ 2. यह किस विधा का पाठ है?

(क) उपन्यास | (ख) एकांकी | (ग) यात्रावृत्त | (घ) दोहा

व्याख्या: एक अंक में प्रस्तुत हास्य नाटक है।

सही उत्तर: (ख) एकांकी

अतिरिक्त MCQ 3. विश्वनाथ की पत्नी का नाम क्या है?

(क) रेवती | (ख) किरण | (ग) सीता | (घ) कमला

व्याख्या: रेवती मुख्य पात्र है।

सही उत्तर: (क) रेवती

अतिरिक्त MCQ 4. दो आगंतुकों के नाम क्या हैं?

(क) प्रमोद और किरण | (ख) नन्हेमल और बाबूलाल | (ग) रामलाल और विश्वनाथ | (घ) रेवती और बाबूलाल

व्याख्या: गलत घर आए आगंतुक नन्हेमल और बाबूलाल हैं।

सही उत्तर: (ख) नन्हेमल और बाबूलाल

अतिरिक्त MCQ 5. वे किसके घर जाना चाहते थे?

(क) विश्वनाथ | (ख) कविराज रामलाल वैद्य | (ग) पड़ोसी | (घ) रेवती का भाई

व्याख्या: गलत पता ही हास्य का मुख्य कारण है।

सही उत्तर: (ख) कविराज रामलाल वैद्य

अतिरिक्त MCQ 6. रेवती किस कारण परेशान थी?

(क) अत्यधिक ठंड | (ख) गरमी और अस्वस्थता | (ग) यात्रा | (घ) परीक्षा

व्याख्या: छोटा गरम घर और सिरदर्द समस्या हैं।

सही उत्तर: (ख) गरमी और अस्वस्थता

अतिरिक्त MCQ 7. ‘यवनिका’ का अर्थ क्या है?

(क) मंच का पर्दा | (ख) पानी का पात्र | (ग) बिस्तर | (घ) मकान

व्याख्या: नाटक के अंत में पर्दे का संकेत है।

सही उत्तर: (क) मंच का पर्दा

अतिरिक्त MCQ 8. ‘नेपथ्य’ क्या है?

(क) मंच के पीछे का भाग | (ख) बगीचा | (ग) बाजार | (घ) आँगन

व्याख्या: मंच से जुड़ा तकनीकी शब्द है।

सही उत्तर: (क) मंच के पीछे का भाग

अतिरिक्त MCQ 9. अंत में कौन आता है?

(क) कविराज | (ख) रेवती का भाई | (ग) नया पड़ोसी | (घ) डाकिया

व्याख्या: उसके आने पर रेवती की प्रतिक्रिया बदलती है।

सही उत्तर: (ख) रेवती का भाई

अतिरिक्त MCQ 10. एकांकी का हास्य मुख्यतः किससे पैदा होता है?

(क) युद्ध | (ख) गलत पहचान और संवाद | (ग) जादू | (घ) प्रतियोगिता

व्याख्या: परिस्थितिजन्य हास्य और संवाद केंद्रीय हैं।

सही उत्तर: (ख) गलत पहचान और संवाद

रचनात्मक लेखन: पूरे प्रश्न और नमूना उत्तर

प्रश्न 1. यदि अतिथि सही घर का पता पहले पूछ लेते तो क्या होता?

व्याख्या: यह वैकल्पिक घटना है, मूल एकांकी का भाग नहीं।

उत्तर: नमूना: नन्हेमल और बाबूलाल आते ही कविराज रामलाल वैद्य का पता पूछते। विश्वनाथ उन्हें सही गली बता देते और परिवार की परेशानी टल जाती।

प्रश्न 2. आधुनिक समय में गलत पते की समस्या कैसे सुलझाई जा सकती है?

व्याख्या: यह समकालीन कल्पना है। निजी पते साझा करते समय अनुमति और गोपनीयता जरूरी है।

उत्तर: नमूना: आगंतुक फोन करके पते की पुष्टि करते और सही स्थान पर जाते।

प्रश्न 3. विश्वनाथ और रेवती के बीच चार पंक्तियों का मौलिक संवाद लिखिए।

व्याख्या: संवाद में गरमी, थकान और स्पष्ट बातचीत का भाव रखें।

उत्तर: नमूना: रेवती: इतनी गरमी में दो लोग और कहाँ ठहरेंगे? विश्वनाथ: पहले उनका परिचय पूछ लेते हैं। रेवती: हाँ, शायद वे गलत पते पर आए हों। विश्वनाथ: मैं विनम्रता से पूछता हूँ।

प्रश्न 4. अतिथि-सत्कार और निजी सीमाओं पर छोटा अनुच्छेद लिखिए।

व्याख्या: सम्मान और उपलब्ध संसाधनों के बीच संतुलन जरूरी है।

उत्तर: नमूना: अतिथि का स्वागत करना अच्छी बात है, लेकिन परिवार की सेहत और सुविधा भी महत्त्वपूर्ण हैं। सही परिचय, स्पष्ट संवाद और विनम्रता से गलतफहमी रोकी जा सकती है।

पाँच मिनट में पुनरावृत्ति

  • लेखक: उदयशंकर भट्ट; पुस्तक: मल्हार; पाठ: 8; विधा: हास्य-एकांकी।
  • परिवार: विश्वनाथ, रेवती और बच्चे।
  • दो आगंतुक: नन्हेमल और बाबूलाल।
  • असल पता: कविराज रामलाल वैद्य का घर।
  • अंत: रेवती का भाई आता है; उसकी प्रतिक्रिया बदल जाती है।
  • एकांकी के तत्व: संवाद, मंच-निर्देश, सीमित समय, एक प्रमुख घटना और यवनिका।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

‘नए मेहमान’ के लेखक कौन हैं?

उदयशंकर भट्ट।

‘नए मेहमान’ किस विधा की रचना है?

यह हास्यप्रधान एकांकी है।

विश्वनाथ और रेवती कहाँ रहते हैं?

बड़े नगर के एक छोटे किराये के मकान में।

रेवती मेहमान न आने की कामना क्यों करती है?

भीषण गरमी, सिरदर्द और घर में ठहरने की जगह तथा व्यवस्था की कमी के कारण।

दो अनजान मेहमानों के नाम क्या हैं?

नन्हेमल और बाबूलाल।

आगंतुकों ने बच्चों को ‘सीधे लड़के’ क्यों कहा?

क्योंकि बच्चे बड़ों की बात मानकर बिना अनावश्यक सवाल किए सेवा करते हैं।

पड़ोसी से विवाद क्यों हुआ?

छत पर पानी फैलने और जगह के उपयोग से संबंधित शिकायत के कारण।

नन्हेमल और बाबूलाल किसके घर जाना चाहते थे?

पिछली गली में रहने वाले कविराज रामलाल वैद्य के घर।

विश्वनाथ मेहमानों से सीधे जाने को क्यों नहीं कहते?

सामाजिक शिष्टाचार और संकोच के कारण वे सीधे मना नहीं कर पाते।

एकांकी के अंत में कौन आता है?

रेवती का भाई।

रेवती का व्यवहार अंत में क्यों बदल जाता है?

अपने भाई के प्रति स्नेह और अपनापन महसूस करने के कारण वह उसके स्वागत के लिए उत्साहित हो जाती है।

एकांकी में कथा मुख्यतः किस माध्यम से आगे बढ़ती है?

पात्रों के संवाद और मंच-निर्देशों के माध्यम से।

स्रोत और पाठ्यपुस्तक

संपादकीय सूचना: यह स्वतंत्र, पाठ-आधारित अध्ययन मार्गदर्शिका है; मूल एकांकी का पूर्ण पुनर्प्रकाशन या NCERT की आधिकारिक उत्तर-कुंजी नहीं। अभ्यास प्रश्नों का क्रम और शब्दांकन अपनी पुस्तक से मिलाएँ।

Frequently asked questions

‘नए मेहमान’ के लेखक कौन हैं?

उदयशंकर भट्ट।

यह किस विधा की रचना है?

हास्य-एकांकी।

कक्षा 8 मल्हार में कौन-सा पाठ है?

आठवाँ पाठ।

विश्वनाथ की पत्नी कौन हैं?

रेवती।

बच्चों के नाम क्या हैं?

प्रमोद और किरण।

दो आगंतुक कौन थे?

नन्हेमल और बाबूलाल।

वे किसके घर जाना चाहते थे?

कविराज रामलाल वैद्य के घर।

आगंतुक गलत घर क्यों पहुँचे?

पते की गलत पहचान के कारण।

रेवती मेहमान न आने की कामना क्यों करती है?

गरमी, अस्वस्थता और छोटे घर की असुविधा से।

विश्वनाथ संकोच क्यों करते हैं?

सामाजिक शिष्टाचार के कारण।

बच्चों को ‘सीधे’ क्यों कहा गया?

वे बड़ों के निर्देश मानते हैं।

पड़ोसी से विवाद क्यों हुआ?

छत और पानी के उपयोग पर।

मकान कैसा था?

छोटा, किराये का और गरम।

‘यवनिका’ का अर्थ क्या है?

मंच का पर्दा।

‘नेपथ्य’ का अर्थ क्या है?

मंच के पीछे का भाग।

‘खातिरदारी’ का अर्थ क्या है?

अतिथि-सत्कार।

‘आग बरसना’ का अर्थ क्या है?

अत्यधिक गरमी होना।

‘जान में जान आना’ का अर्थ क्या है?

राहत मिलना।

एकांकी में संवाद क्यों महत्त्वपूर्ण हैं?

वे घटना और पात्रों की भावनाएँ दिखाते हैं।

नाटकीय विडंबना क्या है?

अपेक्षा और परिणाम में विरोध।

अंत में कौन आता है?

रेवती का भाई।

रेवती का व्यवहार क्यों बदलता है?

भाई के प्रति अपनापन होने के कारण।

एकांकी का मुख्य संदेश क्या है?

स्पष्ट संवाद और शिष्टाचार में संतुलन।

क्या अतिरिक्त MCQs मुद्रित पुस्तक के हूबहू हैं?

नहीं, वे पाठ आधारित मौलिक अभ्यास हैं।

AVAILABLE FOR ANDROID

Start Studying with Krutsha AI Tonight

Join Class 8 to 12 CBSE & NCERT students mastering complex topics. Instant photo doubt solving, zoomable diagram notes, mock tests, and daily WhatsApp updates for parents.

Free daily doubt credits
Class 8th to 12th CBSE & NCERT
Instant setup
Krutsha AI AskAI Instant Doubt Solver
Krutsha AI 4-Step Chapter Learning Hub
Krutsha AI Quiz AI Analysis Report
Krutsha AI Student Leaderboard and Streaks