- कवि गिरिजा कुमार माथुर हैं।
- यह कक्षा 8 हिंदी मल्हार का पाठ 9 है।
- कविता मानव और विराट ब्रह्मांड का अनुपात दिखाती है।
- कमरे से ब्रह्मांड तक क्रमिक विस्तार है।
- ‘नभ गंगा’ आकाशगंगा का काव्यात्मक नाम है।
- ‘संख्यातीत’ का अर्थ अगणित है।
- ईर्ष्या, अहं, स्वार्थ, घृणा और अविश्वास की आलोचना है।
- ‘दीवारें’ सामाजिक और मानसिक विभाजन का प्रतीक हैं।
- ‘दूजे का स्वामी’ प्रभुत्व जताने का व्यंग्य है।
- ‘एक कमरे में दो दुनिया’ अलगाव दर्शाता है।
- ‘में’ की पुनरावृत्ति से लय बनती है।
- चौथे MCQ में अनेक विकल्प सही हैं।
- काव्यात्मक कल्पना को वैज्ञानिक तथ्य न मानें।
- कविता विनम्रता, समानता और सहयोग सिखाती है।
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आदमी का अनुपात - NCERT कक्षा 8 हिंदी मल्हार पाठ 9
सीधा उत्तर: गिरिजा कुमार माथुर की कविता ‘आदमी का अनुपात’ में कमरे से ब्रह्मांड तक विस्तार दिखाकर मनुष्य की लघुता समझाई गई है। इतने विराट संसार में छोटा होने पर भी मनुष्य ईर्ष्या, अहंकार और घृणा से विभाजन पैदा करता है। कविता विनम्रता, सहिष्णुता और सहयोग का संदेश देती है।
विधा: कविता। कवि: गिरिजा कुमार माथुर। पुस्तक: मल्हार, कक्षा 8, पाठ 9। यह मूल कविता की प्रतिलिपि नहीं, स्वतंत्र शैक्षिक व्याख्या है।
कवि परिचय
गिरिजा कुमार माथुर आधुनिक हिंदी के महत्त्वपूर्ण कवि थे। उन्होंने कविता, गीत, नाटक और अन्य विधाओं में लेखन किया। उनके प्रसिद्ध काव्य-संग्रहों में ‘मंजीर’, ‘धूप के धान’ और ‘शिलापंख चमकीले’ शामिल हैं। लोकप्रिय गीत ‘होंगे कामयाब’ का हिंदी भावांतर भी उन्होंने किया।
कविता का विस्तृत सारांश
कविता दो व्यक्तियों से शुरू होती है। वे एक कमरे में हैं; कमरा घर में, घर मुहल्ले में, मुहल्ला नगर में, नगर प्रदेश में और प्रदेश देश में है। फिर दृष्टि पृथ्वी, नक्षत्रों, आकाशगंगा और विशाल ब्रह्मांड तक पहुँचती है। इस बढ़ते क्रम में मनुष्य का आकार अत्यंत छोटा दिखाई देता है। फिर भी मनुष्य ईर्ष्या, अहंकार, स्वार्थ, घृणा और अविश्वास से दूसरों के बीच दीवारें खड़ी करता है। कवि मनुष्य के इसी विरोधाभास पर व्यंग्य करते हैं।
पहला भावखंड: व्यक्ति से नगर तक
कवि दो व्यक्तियों और एक कमरे से बात शुरू करते हैं। कमरा घर का छोटा भाग है; घर मुहल्ले में और मुहल्ला नगर में स्थित है। प्रत्येक अगला स्तर पहले से व्यापक है। यह क्रम पाठक को अपने सीमित अनुभव से बाहर निकलकर बड़े परिवेश के बारे में सोचने के लिए प्रेरित करता है।
दूसरा भावखंड: प्रदेश, देश और पृथ्वी
नगर से प्रदेश और देश तक पहुँचते-पहुँचते दृष्टि भौगोलिक रूप से फैलती जाती है। अनेक देशों को समेटने वाली पृथ्वी भी अंतरिक्ष के व्यापक विस्तार में बहुत छोटी है। कविता आकार के अंतर से मनुष्य के अहंकार पर प्रश्न उठाने की तैयारी करती है।
तीसरा भावखंड: नक्षत्र, नभ गंगा और ब्रह्मांड
कवि नक्षत्रों और ‘नभ गंगा’ यानी आकाशगंगा का उल्लेख करते हैं। ‘लाखों ब्रह्मांडों’ तथा ‘कितनी ही पृथ्वियों’ जैसी कल्पनाएँ कविता की विराटता को बढ़ाती हैं। इन्हें वर्तमान विज्ञान द्वारा प्रमाणित अनेक ब्रह्मांडों या पृथ्वियों का तथ्यात्मक दावा नहीं समझना चाहिए; ये काव्यात्मक कल्पना और विशालता के संकेत हैं।
चौथा भावखंड: आदमी और विराट का अनुपात
‘अनुपात’ दो मात्राओं के बीच संबंध है। यहाँ मनुष्य की लघुता और विराट सृष्टि की व्यापकता की तुलना की गई है। कवि मनुष्य का अपमान नहीं करते; वे याद दिलाते हैं कि सीमित अस्तित्व होने पर भी मनुष्य को विवेक, विनम्रता और व्यापक दृष्टि अपनानी चाहिए।
पाँचवाँ भावखंड: मनुष्य की नकारात्मक प्रवृत्तियाँ
कविता में ईर्ष्या, अहंकार, स्वार्थ, घृणा और अविश्वास का उल्लेख है। इनसे मनुष्य अपने और दूसरों के बीच कृत्रिम सीमाएँ खड़ी करता है। वह दूसरों पर स्वामित्व जताता है। कवि इन प्रवृत्तियों की आलोचना करके समानता और सहयोग की आवश्यकता सामने रखते हैं।
अंतिम भावखंड: एक कमरे में दो दुनिया
इतने बड़े ब्रह्मांड की तुलना के बाद कवि फिर एक कमरे में लौटते हैं। एक ही कमरे में रहने वाले दो लोग भी मन में अलग-अलग दुनिया बना लेते हैं। यह अलगाव, अविश्वास और अहंकार की तीखी आलोचना है। कविता का आरंभ और अंत एक कमरे से जुड़कर प्रभावी वृत्ताकार संरचना बनाते हैं।
विस्तार का क्रम: छोटे से विराट तक
दो व्यक्ति → कमरा → घर → मुहल्ला → नगर → प्रदेश → देश → पृथ्वी → नक्षत्रों का विस्तार → आकाशगंगा → ब्रह्मांड।
यह क्रम कविता का विचारात्मक और काव्यात्मक चित्र है; खगोलीय पिंडों का सटीक वैज्ञानिक वर्गीकरण नहीं।
प्रमुख प्रतीक और उनका अर्थ
| प्रतीक/शब्द | अर्थ |
|---|---|
| कमरा | सीमित व्यक्तिगत स्थान |
| पृथ्वी | विशाल सृष्टि में छोटा ग्रह |
| विराट ब्रह्मांड | अत्यंत व्यापक अस्तित्व |
| दीवारें | मानसिक और सामाजिक अलगाव |
| दूसरे का स्वामी | दूसरों पर प्रभुत्व जताने की प्रवृत्ति |
| एक कमरे में दो दुनिया | साथ रहकर भी अविश्वास और दूरी |
कठिन शब्दार्थ
| शब्द | सरल अर्थ |
|---|---|
| अनुपात | दो मात्राओं का तुलनात्मक संबंध |
| विराट | बहुत विशाल |
| मुहल्ला | बस्ती या पड़ोस का क्षेत्र |
| प्रदेश | बड़ा प्रशासनिक या भौगोलिक क्षेत्र |
| पृथ्वी | हमारा ग्रह |
| नक्षत्र | तारों से संबंधित खगोलीय पिंड या तारामंडल-संदर्भ |
| अनगिन | असंख्य |
| परिधि | चारों ओर की सीमा |
| नभ | आकाश |
| नभ गंगा | आकाशगंगा का काव्यात्मक नाम |
| ब्रह्मांड | समग्र विश्व या विशाल अंतरिक्ष का विचार |
| सृष्टि | रचना, संसार |
| भूमि | धरती |
| ईर्ष्या | दूसरे की उपलब्धि से जलन |
| अहं | घमंड या अहंकार |
| स्वार्थ | केवल अपना लाभ देखना |
| घृणा | तीव्र नापसंदगी |
| अविश्वास | भरोसे का अभाव |
| लीन | डूबा हुआ |
| संख्यातीत | गिनती से परे |
| शंख | भारतीय परंपरा में बड़ी संख्या का नाम |
| दूजा | दूसरा |
| स्वामी | मालिक |
| सहिष्णुता | भिन्नता के प्रति सम्मानपूर्ण सहनशीलता |
| समावेशन | सभी को शामिल करना |
| समर्पण | निष्ठापूर्ण योगदान |
| लघुता | छोटापन |
| व्यंग्य | किसी कमी पर अप्रत्यक्ष आलोचनात्मक टिप्पणी |
मेरी समझ से: चार पूरे MCQs और व्याख्या
पाठ आधारित प्रश्न और विकल्प शैक्षिक रूप में प्रस्तुत हैं। चौथे प्रश्न में तीन उत्तर सही हैं।
प्रश्न 1. ब्रह्मांड में मानव का स्थान कैसा है?
(क) पृथ्वी पर सबसे बड़ा | (ख) ब्रह्मांड की तुलना में अत्यंत सूक्ष्म | (ग) सभी नक्षत्रों से बड़ा | (घ) प्रकृति का शासक
व्याख्या: विस्तार का क्रम मानव की लघुता दिखाता है।
सही उत्तर: (ख) ब्रह्मांड की तुलना में अत्यंत सूक्ष्म
प्रश्न 2. मुख्यतः किन दो का अनुपात है?
(क) पृथ्वी और सूर्य | (ख) देश और नगर | (ग) घर और कमरा | (घ) मानव और ब्रह्मांड
व्याख्या: पूरी कविता का केंद्रीय अनुपात मानव और विराट सृष्टि का है।
सही उत्तर: (घ) मानव और ब्रह्मांड
प्रश्न 3. मनुष्य किन भावों में लिप्त रहता है?
(क) त्याग और प्रेम | (ख) सेवा और परोपकार | (ग) ईर्ष्या, अहं, स्वार्थ और घृणा | (घ) उदारता और न्याय
व्याख्या: कवि नकारात्मक भावों और अविश्वास की आलोचना करते हैं।
सही उत्तर: (ग) ईर्ष्या, अहं, स्वार्थ और घृणा
प्रश्न 4. मनुष्य का प्रमुख दोष क्या है?
(क) अपनी सीमाएँ नहीं समझना | (ख) दूसरों पर शासन करना चाहना | (ग) प्रकृति से तालमेल न बिठाना | (घ) छोटापन भूल अहंकारी बनना
व्याख्या: कविता पहले, दूसरे और चौथे विकल्प का समर्थन करती है।
सही उत्तर: (क) अपनी सीमाएँ नहीं समझना; (ख) दूसरों पर शासन करना चाहना; (घ) छोटापन भूल अहंकारी बनना
समूह चर्चा: विकल्प अलग हों तो क्या करें?
प्रश्न 1. अलग-अलग विकल्प चुनने पर सही उत्तर कैसे तय करेंगे?
व्याख्या: कविता की पंक्तियों और अर्थ का प्रमाण लें।
उत्तर: साथियों के तर्क सुनें, पाठ से प्रमाण खोजें और एक से अधिक सही उत्तर होने पर सभी को चिह्नित करें।
पंक्तियों पर चर्चा: तीन पूरे प्रश्न
प्रश्न 1. अनगिन नक्षत्रों में पृथ्वी के छोटे होने का आशय क्या है?
व्याख्या: कवि अंतरिक्ष की विशालता से मनुष्य की सीमित स्थिति समझाते हैं।
उत्तर: मानव को विनम्र रहना चाहिए।
प्रश्न 2. ‘संख्यातीत दीवारें’ से क्या संकेत मिलता है?
व्याख्या: दीवारें केवल ईंटों की नहीं, मानसिक और सामाजिक विभाजन की हैं।
उत्तर: मनुष्य स्वार्थ और अविश्वास से कृत्रिम दूरियाँ बनाता है।
प्रश्न 3. ‘एक कमरे में दो दुनिया’ का भाव क्या है?
व्याख्या: पास रहने वाले लोग भी मन से दूर हो सकते हैं।
उत्तर: ईर्ष्या और अहंकार से निकट संबंधों में अलगाव आता है।
मिलकर करें मिलान: छह पूरे कथन, अर्थ और कारण
| कविता की पंक्ति | सही अर्थ | कारण |
|---|---|---|
| संख्यातीत शंख सी दीवारें | मनुष्य द्वारा खींची गई कृत्रिम सीमाएँ | दीवारें सामाजिक और मानसिक विभाजन का रूपक हैं। |
| पृथ्वी एक छोटी, करोड़ों में एक | पृथ्वी की अल्पता और अनोखेपन का संकेत | पृथ्वी विशाल सृष्टि की तुलना में छोटी है। |
| ईर्ष्या, अहं, स्वार्थ, घृणा | मनुष्य की नकारात्मक भावनाएँ | ये भाव आपसी दूरी बढ़ाते हैं। |
| दो व्यक्ति कमरे में / कमरे से छोटे | आदमी के संकुचित होने का प्रतीक | मानव की लघुता और संकीर्णता का बोध है। |
| परिधि नभ गंगा की | ब्रह्मांड की विशालता का प्रतीक | आकाशगंगा विराट विस्तार का बिंब है। |
| एक कमरे में दो दुनिया रचाता | निकट रहकर भी अलगाव की प्रवृत्ति | भौतिक निकटता मानसिक दूरी नहीं मिटाती। |
‘अनुपात’ - मनुष्य को व्यापक बनाने वाले गुण
सहयोग, सहिष्णुता, करुणा, विनम्रता, न्याय, परोपकार, संवेदनशीलता और समानता मनुष्य की दृष्टि को बड़ा बनाते हैं। यहाँ ‘बड़ा’ होने का अर्थ शरीर या शक्ति का बढ़ना नहीं, बल्कि दूसरों को सम्मान देने की क्षमता है।
सोच-विचार के लिए: आठ पूरे प्रश्नोत्तर
प्रश्न 1. मनुष्य अपने को कैसे सीमित करता है?
व्याख्या: ईर्ष्या, अहंकार और स्वार्थ से।
उत्तर: वह दूसरों से दूरी और कृत्रिम सीमाएँ पैदा करता है।
प्रश्न 2. कविता का स्वर कैसा है?
व्याख्या: यह मानव के विरोधाभासी व्यवहार पर व्यंग्य करती है।
उत्तर: व्यंग्यपूर्ण और चिंतनशील।
प्रश्न 3. क्या दीवारें केवल भौतिक हैं?
व्याख्या: कविता में प्रतीकात्मक अर्थ भी है।
उत्तर: नहीं, मानसिक और सामाजिक भेद भी हैं।
प्रश्न 4. कवि मनुष्य को छोटा क्यों बताते हैं?
व्याख्या: अहंकार पर प्रश्न उठाने के लिए।
उत्तर: विराट सृष्टि में अपनी सीमित स्थिति समझाने के लिए।
प्रश्न 5. ‘दूजे का स्वामी’ कहने में क्या व्यंग्य है?
व्याख्या: स्वयं छोटा मनुष्य दूसरों पर प्रभुत्व चाहता है।
उत्तर: दूसरों को अपने अधीन मानना अनुचित है।
प्रश्न 6. कविता में ‘में’ की पुनरावृत्ति क्यों है?
व्याख्या: क्रमिक विस्तार और लय बनती है।
उत्तर: छोटे से बड़े स्तर का संबंध स्पष्ट होता है।
प्रश्न 7. सहयोग से विभाजन कैसे घटेगा?
व्याख्या: सुनने और साझा काम से विश्वास बढ़ता है।
उत्तर: मतभेदों पर बातचीत और न्यायपूर्ण सहयोग करना चाहिए।
प्रश्न 8. क्या मनुष्य का छोटा आकार उसके मूल्य को कम करता है?
व्याख्या: कविता मानव गरिमा का निषेध नहीं करती।
उत्तर: नहीं, वह अच्छे कर्म से महत्त्वपूर्ण योगदान दे सकता है।
अनुमान और कल्पना: चार पूरे प्रश्न
प्रश्न 1. ब्रह्मांड की यात्रा पर क्या अनुभव करेंगे?
व्याख्या: यह काल्पनिक अभ्यास है।
उत्तर: मैं पृथ्वी की सुंदरता और मानव जीवन की जिम्मेदारी को नए दृष्टिकोण से देखूँगा।
प्रश्न 2. अंतरिक्ष यात्री को पृथ्वी की क्या याद आएगी?
व्याख्या: परिचित संबंध और प्राकृतिक वातावरण का महत्त्व समझें।
उत्तर: परिवार, मित्र, पेड़, नदियाँ और घर याद आएँगे।
प्रश्न 3. ‘मैं ब्रह्मांड में एक छोटा व्यक्ति हूँ’ पर अनुच्छेद लिखिए।
व्याख्या: मानव के आकार और कर्म का अंतर स्पष्ट करें।
उत्तर: मैं विराट सृष्टि का छोटा हिस्सा हूँ, लेकिन अपने व्यवहार से समाज में सहयोग और सम्मान बढ़ा सकता हूँ।
प्रश्न 4. मानसिक दीवारों के बिना दुनिया कैसी होगी?
व्याख्या: यह आदर्श समाज की मौलिक कल्पना है।
उत्तर: लोग भिन्नताओं का सम्मान करेंगे और समस्याएँ बातचीत से सुलझाएँगे।
‘शब्द से जुड़े शब्द’ - सृष्टि शब्द-जाल
सृष्टि → पृथ्वी, तारे, आकाश, ग्रह, सूर्य, चंद्रमा, आकाशगंगा, प्रकृति, जीवन, अंतरिक्ष। इनमें से पाँच शब्द लेकर वाक्य बनाइए।
‘सृजन’ - रेखाचित्र और कहानी
कागज पर केंद्र में ‘मैं’ लिखकर उसके बाहर कमरा, घर, मुहल्ला, नगर, देश, पृथ्वी और ब्रह्मांड के क्रमिक वृत्त बनाइए। हर वृत्त में उस स्तर की एक विशेषता लिखिए।
मौलिक कहानी आरंभ: ‘एक दिन आरव ने तारों से भरे आकाश को देखा। उसे लगा कि उसका छोटा-सा घर कितने विशाल संसार का हिस्सा है। उसने निश्चय किया कि वह लोगों के बीच दूरी नहीं, मित्रता बढ़ाएगा।’
‘कविता की रचना’ - शिल्प और भाषा
निदेशक चिह्न
कविता में प्रयुक्त लंबी रेखा या डैश ( - ) विचार के ठहराव और आगे की बात पर ध्यान दिलाने के लिए आता है।
छोटी पंक्तियाँ और ‘में’ की पुनरावृत्ति
छोटे वाक्य और बार-बार आने वाला ‘में’ क्रमशः एक स्तर को दूसरे बड़े स्तर में समेटते हुए विस्तार का अनुभव कराते हैं।
क्रमिक विस्तार
कमरा, घर, मुहल्ला, नगर आदि शब्दों का क्रम पाठक को छोटे से बड़े की ओर ले जाता है।
रूपक और व्यंग्य
मानसिक भेदभाव को ‘दीवारों’ के रूप में दिखाना रूपकात्मक प्रयोग है। दूसरे का स्वामी बनने की इच्छा पर कवि का स्वर व्यंग्यात्मक है।
अतिशयोक्ति
अत्यंत विशाल संख्याओं का प्रयोग विराटता और मनुष्य की सीमाओं के अंतर को प्रभावशाली बनाता है।
‘कविता का सौंदर्य’ - कल्पना और क्रियाएँ
कवि ब्रह्मांड की विशालता बताने के लिए छोटे स्थान से शुरू करके दृष्टि को लगातार फैलाते हैं। मनुष्य के लिए ‘दीवारें उठाना’, ‘स्वामी बताना’ और ‘दो दुनिया रचना’ जैसी क्रियाएँ उसके व्यवहार का आलोचनात्मक चित्र बनाती हैं।
‘आपके शब्द’ - शब्द-निर्माण
नभ + गंगा = नभगंगा; जल + धारा = जलधारा; सूर्य + प्रकाश = सूर्यप्रकाश; चंद्र + किरण = चंद्रकिरण; जन + हित = जनहित। शब्दों के प्रयोग और प्रचलन को शब्दकोश से जाँचें।
‘आपके प्रश्न’ - जिज्ञासा और वैज्ञानिक सावधानी
कितने तारे हैं? आकाशगंगा क्या है? पृथ्वी पर जीवन कैसे संभव हुआ? ब्रह्मांड कितना पुराना है? ये विज्ञान के प्रश्न हैं। कविता की अनेक पृथ्वियों या ब्रह्मांडों की कल्पना को वैज्ञानिक रूप से सिद्ध तथ्य न मानें। प्रमाण के लिए विज्ञान की विश्वसनीय पुस्तकों और अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थाओं की सामग्री देखें।
विशेषण और विशेष्य - अभ्यास के उत्तर
| प्रयोग | विशेषण | विशेष्य |
|---|---|---|
| दो व्यक्ति | दो | व्यक्ति |
| अनगिन नक्षत्र | अनगिन | नक्षत्र |
| लाखों ब्रह्मांड | लाखों | ब्रह्मांड |
| अपना एक ब्रह्मांड | अपना, एक | ब्रह्मांड |
| संख्यातीत शंख सी दीवारें | संख्यातीत, शंख सी | दीवारें |
| एक कमरा | एक | कमरा |
| दो दुनिया | दो | दुनिया |
‘संख्यातीत शंख’ - बड़ी संख्याओं का अभ्यास
| संख्या का नाम | 10 की घात |
|---|---|
| लाख | 105 |
| करोड़ | 107 |
| अरब | 109 |
| खरब | 1011 |
| नील | 1013 |
| पद्म | 1015 |
| शंख | 1017 |
| महाशंख | 1019 |
प्रश्नोत्तर: 15 शून्य = पद्म; महाशंख में 19 शून्य; एक लाख में 100 हजार; सबसे छोटी सूचीबद्ध संख्या इकाई (1), सबसे बड़ी महाशंख; दस करोड़ + एक अरब = 1 अरब 10 करोड़। ये भारतीय संख्या-नामों की पाठ्यपुस्तक-आधारित परंपरागत परिभाषाएँ हैं।
‘आपकी बात’ - दैनिक जीवन में अनुपात
जब काम अधिक और समय कम हो, तो काम तथा समय का अनुपात असंतुलित हो सकता है। इसी तरह मनुष्य की सीमित शक्ति और बड़े अहंकार का अंतर कविता में विचार का विषय है। विद्यालय में सबको सुनना, सहायता करना और भेदभाव से बचना व्यापक दृष्टिकोण अपनाने के उपाय हैं।
‘समावेशन और समानता’
हर व्यक्ति को लिंग, भाषा, आर्थिक स्थिति, धर्म, दिव्यांगता या अन्य पहचान के आधार पर भेदभाव के बिना सम्मान और सीखने का अवसर मिलना चाहिए। समूह-कार्य में बोलने, लिखने, समझने या चलने की अलग-अलग जरूरतों वाले विद्यार्थियों की भागीदारी सुनिश्चित करना समावेशन का व्यावहारिक उदाहरण है।
‘झरोखे से’ - होंगे कामयाब
इस पाठ में गिरिजा कुमार माथुर द्वारा किया गया ‘होंगे कामयाब’ का हिंदी भावांतर पूरक पठन के रूप में दिया गया है। इसका केंद्रीय भाव आशा, एकता, शांति और सामूहिक संकल्प है। यह मुख्य कविता ‘आदमी का अनुपात’ से अलग रचना है।
बीस मौलिक पुनरावृत्ति प्रश्न, व्याख्या और उत्तर
अभ्यास 1. कवि कौन हैं?
व्याख्या: कविता गिरिजा कुमार माथुर की है।
उत्तर: गिरिजा कुमार माथुर।
अभ्यास 2. कौन-सा पाठ है?
व्याख्या: कक्षा 8 मल्हार में नौवाँ पाठ है।
उत्तर: पाठ 9।
अभ्यास 3. अनुपात का अर्थ क्या है?
व्याख्या: दो मात्राओं की तुलना।
उत्तर: तुलनात्मक संबंध।
अभ्यास 4. मुख्य अनुपात किनके बीच है?
व्याख्या: छोटा मनुष्य और विराट सृष्टि।
उत्तर: मानव और ब्रह्मांड।
अभ्यास 5. कविता कहाँ से आरंभ होती है?
व्याख्या: छोटे स्थान से विस्तार शुरू होता है।
उत्तर: दो व्यक्ति और कमरा।
अभ्यास 6. मुहल्ला कहाँ स्थित है?
व्याख्या: क्रम में नगर बड़ा है।
उत्तर: नगर में।
अभ्यास 7. प्रदेश किससे बड़ा है?
व्याख्या: नगर प्रदेश के भीतर है।
उत्तर: नगर से।
अभ्यास 8. नभ का अर्थ क्या है?
व्याख्या: आकाश का काव्यात्मक शब्द।
उत्तर: आकाश।
अभ्यास 9. नभ गंगा क्या है?
व्याख्या: आकाशगंगा का काव्यात्मक नाम।
उत्तर: आकाशगंगा।
अभ्यास 10. विराट का अर्थ क्या है?
व्याख्या: बहुत बड़ा।
उत्तर: विशाल।
अभ्यास 11. अनगिन का अर्थ क्या है?
व्याख्या: जिसे गिना न जा सके।
उत्तर: असंख्य।
अभ्यास 12. संख्यातीत का अर्थ क्या है?
व्याख्या: गिनती से परे।
उत्तर: अगणित।
अभ्यास 13. ईर्ष्या का अर्थ क्या है?
व्याख्या: दूसरे की उपलब्धि से जलन।
उत्तर: जलन।
अभ्यास 14. अहं का अर्थ क्या है?
व्याख्या: स्वयं को बड़ा समझने का भाव।
उत्तर: अहंकार।
अभ्यास 15. अविश्वास क्या है?
व्याख्या: भरोसा न होना।
उत्तर: विश्वास का अभाव।
अभ्यास 16. दूजा का अर्थ क्या है?
व्याख्या: दूसरे का रूप।
उत्तर: दूसरा।
अभ्यास 17. लीन का अर्थ क्या है?
व्याख्या: किसी भाव में डूबा होना।
उत्तर: मग्न।
अभ्यास 18. कवि किन दोषों की आलोचना करते हैं?
व्याख्या: विभाजनकारी भावों की।
उत्तर: ईर्ष्या, अहं, स्वार्थ, घृणा और अविश्वास।
अभ्यास 19. एक कमरे में दो दुनिया का आशय क्या है?
व्याख्या: पास रहकर भी मन से दूर होना।
उत्तर: मानसिक अलगाव।
अभ्यास 20. कविता का संदेश क्या है?
व्याख्या: अहंकार त्यागना और मिलकर रहना।
उत्तर: विनम्रता, समानता और सहयोग।
दस अतिरिक्त MCQs: चार विकल्प, उत्तर और कारण
अतिरिक्त MCQ 1. कवि कौन हैं?
(क) कबीर | (ख) गिरिजा कुमार माथुर | (ग) माधवराव सप्रे | (घ) प्रेमचंद
व्याख्या: कविता के भाव और शब्दार्थ के आधार पर सही विकल्प चुना गया है।
सही उत्तर: (ख) गिरिजा कुमार माथुर
अतिरिक्त MCQ 2. ‘अनुपात’ का अर्थ क्या है?
(क) तुलना | (ख) वर्णन | (ग) स्मृति | (घ) विवाद
व्याख्या: कविता के भाव और शब्दार्थ के आधार पर सही विकल्प चुना गया है।
सही उत्तर: (क) तुलना
अतिरिक्त MCQ 3. कविता कहाँ से शुरू होती है?
(क) पर्वत | (ख) समुद्र | (ग) कमरा | (घ) सूर्य
व्याख्या: कविता के भाव और शब्दार्थ के आधार पर सही विकल्प चुना गया है।
सही उत्तर: (ग) कमरा
अतिरिक्त MCQ 4. ‘नभ गंगा’ क्या है?
(क) नदी | (ख) आकाशगंगा | (ग) पर्वत | (घ) झील
व्याख्या: कविता के भाव और शब्दार्थ के आधार पर सही विकल्प चुना गया है।
सही उत्तर: (ख) आकाशगंगा
अतिरिक्त MCQ 5. ‘संख्यातीत’ का अर्थ क्या है?
(क) अगणित | (ख) दस | (ग) सौ | (घ) एक
व्याख्या: कविता के भाव और शब्दार्थ के आधार पर सही विकल्प चुना गया है।
सही उत्तर: (क) अगणित
अतिरिक्त MCQ 6. कवि किसकी आलोचना करते हैं?
(क) करुणा | (ख) सहयोग | (ग) ईर्ष्या और अहंकार | (घ) समानता
व्याख्या: कविता के भाव और शब्दार्थ के आधार पर सही विकल्प चुना गया है।
सही उत्तर: (ग) ईर्ष्या और अहंकार
अतिरिक्त MCQ 7. ‘दीवारें’ क्या दर्शाती हैं?
(क) विभाजन | (ख) केवल ईंट | (ग) पृथ्वी | (घ) प्रकाश
व्याख्या: कविता के भाव और शब्दार्थ के आधार पर सही विकल्प चुना गया है।
सही उत्तर: (क) विभाजन
अतिरिक्त MCQ 8. ‘दूजा’ का अर्थ क्या है?
(क) पहला | (ख) दूसरा | (ग) सब | (घ) कोई नहीं
व्याख्या: कविता के भाव और शब्दार्थ के आधार पर सही विकल्प चुना गया है।
सही उत्तर: (ख) दूसरा
अतिरिक्त MCQ 9. ‘एक कमरे में दो दुनिया’ का आशय क्या है?
(क) मानसिक दूरी | (ख) दो ग्रह | (ग) दो समुद्र | (घ) दो नगर
व्याख्या: कविता के भाव और शब्दार्थ के आधार पर सही विकल्प चुना गया है।
सही उत्तर: (क) मानसिक दूरी
अतिरिक्त MCQ 10. कविता क्या सिखाती है?
(क) अहंकार | (ख) प्रभुत्व | (ग) अविश्वास | (घ) विनम्रता और सहयोग
व्याख्या: कविता के भाव और शब्दार्थ के आधार पर सही विकल्प चुना गया है।
सही उत्तर: (घ) विनम्रता और सहयोग
विशेषण और विशेष्य: पूरे हल किए अभ्यास
| पूरा प्रश्न | विशेषण | विशेष्य | कारण |
|---|---|---|---|
| ‘छोटी पृथ्वी’ में पहचानिए। | छोटी | पृथ्वी | आकार बताता है। |
| ‘अनगिन नक्षत्र’ में पहचानिए। | अनगिन | नक्षत्र | अनिश्चित संख्या बताता है। |
| ‘विराट ब्रह्मांड’ में पहचानिए। | विराट | ब्रह्मांड | विशालता बताता है। |
| ‘संख्यातीत दीवारें’ में पहचानिए। | संख्यातीत | दीवारें | बहुत बड़ी संख्या बताता है। |
| ‘कृत्रिम सीमाएँ’ में पहचानिए। | कृत्रिम | सीमाएँ | गुण बताता है। |
संख्यातीत शंख और वैज्ञानिक सावधानी
‘शंख’ भारतीय संख्या-नामकरण का बड़ा संख्या-शब्द है। कविता में इसका उपयोग विशाल संख्या का प्रभाव पैदा करता है। ‘लाखों ब्रह्मांड’ जैसी अभिव्यक्तियाँ वैज्ञानिक रूप से सिद्ध अनेक ब्रह्मांडों का प्रमाण नहीं, काव्यात्मक कल्पना हैं।
| पूरा प्रश्न | उत्तर | कारण |
|---|---|---|
| ‘संख्यातीत’ का अर्थ क्या है? | गिनती से परे। | अगणित संख्या का संकेत। |
| ‘शंख’ क्यों आया है? | बहुत बड़ी संख्या का बोध कराने के लिए। | अतिशयोक्ति और विराटता। |
| क्या ‘लाखों ब्रह्मांड’ प्रमाणित तथ्य है? | नहीं। | यह काव्यात्मक कल्पना है। |
सृजन और खोजबीन: चार मौलिक गतिविधियाँ
प्रश्न 1. कमरे से ब्रह्मांड तक रेखाचित्र कैसे बनाएँ?
व्याख्या: यह सांकेतिक आरेख होगा।
उत्तर: कमरा, घर, मुहल्ला, नगर, प्रदेश, देश, पृथ्वी, आकाशगंगा और ब्रह्मांड को क्रमिक स्तरों में दिखाएँ।
प्रश्न 2. दो मित्रों के बीच मानसिक दीवार पर कहानी लिखिए।
व्याख्या: यह मौलिक उदाहरण है।
उत्तर: गलतफहमी से दूर हुए दो मित्र संवाद करते हैं और एक-दूसरे की बात समझकर फिर साथ काम करते हैं।
प्रश्न 3. कवि की अन्य रचनाएँ कैसे खोजेंगे?
व्याख्या: विश्वसनीय पुस्तकालय या साहित्यिक सूची देखें।
उत्तर: ‘मंजीर’, ‘धूप के धान’ और ‘शिलापंख चमकीले’ की उपलब्धता खोजें।
प्रश्न 4. ‘में’ शब्द की पुनरावृत्ति का क्या प्रभाव है?
व्याख्या: यह क्रम और लय बनाती है।
उत्तर: पाठक छोटे से विराट तक बढ़ता हुआ विस्तार महसूस करता है।
पाँच मिनट की पुनरावृत्ति
- कवि: गिरिजा कुमार माथुर; पाठ: 9; पुस्तक: मल्हार।
- विस्तार: व्यक्ति से कमरा, घर, मुहल्ला, देश, पृथ्वी और ब्रह्मांड तक।
- विरोधाभास: छोटा मनुष्य भी अहंकार से बड़ी दीवारें खड़ी करता है।
- संदेश: विनम्रता, सहयोग, सहिष्णुता और समानता।
- काव्य: क्रमिक विस्तार, पुनरावृत्ति, रूपक, व्यंग्य और छोटी पंक्तियाँ।
- भाषा: विशेषण-विशेष्य, निदेशक चिह्न, शब्द-निर्माण और बड़ी संख्याएँ।
स्रोत और संस्करण
- NCERT आधिकारिक पाठ्यपुस्तक पोर्टल - मूल निर्धारित पुस्तक देखें।
- मल्हार पाठ 9 - पाठ और अभ्यास - कविता, प्रश्नों और गतिविधियों के मिलान हेतु।
संपादकीय सूचना: यह स्वतंत्र अध्ययन-सामग्री है, मूल कविता का पूर्ण पुनर्प्रकाशन या NCERT की आधिकारिक उत्तर-कुंजी नहीं। पाठ्यपुस्तक संस्करण के अनुसार प्रश्नों की भाषा और क्रम जाँचें।
Frequently asked questions
कवि कौन हैं?
गिरिजा कुमार माथुर।
कौन-सा पाठ है?
कक्षा 8 मल्हार का पाठ 9।
केंद्रीय विषय क्या है?
मानव और ब्रह्मांड का अनुपात।
अनुपात क्या है?
दो मात्राओं का तुलनात्मक संबंध।
आरंभ किससे होता है?
दो व्यक्तियों और कमरे से।
नभ गंगा क्या है?
आकाशगंगा।
विराट का अर्थ क्या है?
विशाल।
संख्यातीत क्या है?
अगणित।
दूजा का अर्थ क्या है?
दूसरा।
लीन का अर्थ क्या है?
मग्न।
कवि किन भावों की आलोचना करते हैं?
ईर्ष्या, अहं, स्वार्थ, घृणा और अविश्वास।
दीवारें क्या दर्शाती हैं?
मानसिक और सामाजिक विभाजन।
दूजे का स्वामी का आशय क्या है?
दूसरों पर प्रभुत्व जताना।
एक कमरे में दो दुनिया का अर्थ क्या है?
मानसिक दूरी।
‘में’ की पुनरावृत्ति क्यों है?
लय और क्रमिक विस्तार के लिए।
क्या यह विज्ञान का पाठ है?
नहीं, काव्यात्मक तुलना है।
मुख्य सीख क्या है?
विनम्रता और सहयोग।
अनगिन कैसा विशेषण है?
अनिश्चित संख्यावाचक।
छोटी पृथ्वी में विशेषण क्या है?
छोटी।
विराट ब्रह्मांड में विशेष्य क्या है?
ब्रह्मांड।
शंख क्यों आया है?
बहुत बड़ी संख्या का बोध कराने के लिए।
क्या चौथे MCQ के अनेक उत्तर हैं?
हाँ, तीन।
क्या अतिरिक्त MCQs मूल पुस्तक के हैं?
नहीं, मौलिक अभ्यास हैं।
कवि का एक संग्रह बताइए।
धूप के धान।
