Skip to content
CLASS 8 • HINDI • CHAPTER 5

कबीर के दोहे

Explore the published notes, key concepts and questions for this chapter.

Quick answer
कक्षा 8 हिंदी मल्हार के पाठ 5 ‘कबीर के दोहे’ में आठ दोहे हैं। इनमें सत्य, परोपकार, गुरु का सम्मान, संतुलन, मधुर वाणी, आलोचना से सीखना, विवेक और अच्छी संगति का संदेश है।
Key points
  • कक्षा 8 हिंदी मल्हार के पाठ 5 में कबीर के आठ दोहे हैं।
  • सत्य को तपस्या के समान महत्त्व दिया गया है।
  • खजूर के दृष्टांत से परोपकार की सीख मिलती है।
  • गुरु के मार्गदर्शन और ज्ञान का सम्मान आवश्यक है।
  • अति से बचकर संतुलित व्यवहार करना चाहिए।
  • अहंकार छोड़कर विनम्र और सत्यपूर्ण वाणी बोलें।
  • रचनात्मक आलोचना से सीखें, अपमान को आवश्यक न मानें।
  • सूप का दृष्टांत सार और निरर्थक में अंतर करने का है।
  • मन की तुलना पक्षी से करके संगति का प्रभाव बताया गया है।
  • दोहा छंद की मात्रा-योजना 13, 11, 13, 11 है।
  • पहले मिलान का सही क्रम 1-3, 2-5, 3-6, 4-8, 5-7, 6-4, 7-1, 8-2 है।
  • दूसरे मिलान का सही क्रम 1-8, 2-6, 3-2, 4-1, 5-4, 6-7, 7-5, 8-3 है।
  • आधुनिक विषयों पर रची पंक्तियाँ मूल कबीर रचनाएँ नहीं हैं।

Use these notes alongside your current textbook. Check important formulas, worked answers and syllabus coverage with your teacher or official learning material.

कबीर के दोहे: कक्षा 8 हिंदी मल्हार पाठ 5, आठों भावार्थ और संपूर्ण प्रश्न उत्तर

सीधा उत्तर: एनसीईआरटी कक्षा 8 हिंदी मल्हार के पाठ 5 ‘कबीर के दोहे’ में संत कबीर के आठ दोहे हैं। ये सत्य, परोपकार, गुरु का महत्त्व, संतुलन, मधुर वाणी, रचनात्मक आलोचना, विवेक और अच्छी संगति की शिक्षा देते हैं। इस अध्ययन-सामग्री में प्रत्येक दोहे का सरल भावार्थ, शब्दार्थ, उदाहरण और अभ्यासों के पूर्ण प्रश्न उत्तर दिए गए हैं।

पाठ्यपुस्तक संदर्भ: मल्हार, कक्षा 8, पाठ 5, अभ्यास पृष्ठ लगभग 64 से 71। दोहों की छोटी शुरुआती पंक्तियाँ पहचान के लिए दी गई हैं; विस्तृत मूल कविता की प्रतिलिपि के स्थान पर मौलिक व्याख्या दी गई है।

कबीर का जीवन और साहित्यिक परिचय

कबीर हिंदी भक्ति परंपरा के प्रसिद्ध संत-कवि थे। उनकी वाणी में निर्गुण भक्ति, सामाजिक समानता, सत्य, प्रेम और आडंबर-विरोध दिखाई देता है। कबीर के जीवन की सटीक तिथियों और घटनाओं पर विद्वानों में मतभेद हैं। उनकी भाषा में विभिन्न लोकबोलियों के रूप मिलते हैं, जिसे सामान्यतः सधुक्कड़ी कहा जाता है। दोहे छोटे होते हुए भी गहरे जीवन-अनुभव व्यक्त करते हैं।

आठों दोहों का क्रमवार विस्तृत भावार्थ

दोहा 1: सत्य का महत्त्व

पहचान के लिए आरंभिक पंक्ति: साँच बराबर तप नहीं, झूठ बराबर पाप।

विस्तृत भावार्थ: सत्य को सबसे बड़ी साधना और झूठ को बड़ा नैतिक दोष कहा गया है। हृदय में सच्चाई होने से व्यक्ति को सही-गलत का बोध होता है।

शब्दार्थ: साँच: सत्य; तप: कठिन साधना; हिरदे: हृदय।

जीवन से उदाहरण: परीक्षा में अपनी जानकारी के अनुसार उत्तर देना और गलती होने पर स्वीकार करना।

मुख्य सीख: सत्य और नैतिक साहस

दोहा 2: खजूर के पेड़ का दृष्टांत

पहचान के लिए आरंभिक पंक्ति: बड़ा हुआ तो क्या हुआ, जैसे पेड़ खजूर।

विस्तृत भावार्थ: खजूर ऊँचा होने पर भी राहगीर को पर्याप्त छाया नहीं देता और फल दूर होते हैं। इसी प्रकार केवल ऊँचा पद या प्रसिद्धि दूसरों के काम न आए तो उसका महत्त्व सीमित है।

शब्दार्थ: पंथी: यात्री; लागै: लगते हैं; अति दूर: बहुत दूर।

जीवन से उदाहरण: कक्षा प्रतिनिधि बनकर सहपाठियों की सहायता करना।

मुख्य सीख: परोपकार और उपयोगी नेतृत्व

दोहा 3: गुरु का महत्त्व

पहचान के लिए आरंभिक पंक्ति: गुरु गोविंद दोऊ खड़े, काके लागौं पाँय।

विस्तृत भावार्थ: कबीर गुरु को विशेष सम्मान देते हैं क्योंकि गुरु ही ईश्वर के ज्ञान और जीवन की समझ का मार्ग दिखाते हैं। यह गुरु की भूमिका की काव्यात्मक प्रशंसा है।

शब्दार्थ: दोऊ: दोनों; काके: किसके; लागौं पाँय: चरण छूऊँ; बलिहारी: न्योछावर।

जीवन से उदाहरण: शिक्षक से कठिन विषय समझकर उस मार्गदर्शन का सम्मान करना।

मुख्य सीख: मार्गदर्शन और कृतज्ञता

दोहा 4: अति से बचना

पहचान के लिए आरंभिक पंक्ति: अति का भला न बोलना, अति का भला न चूप।

विस्तृत भावार्थ: अधिक बोलना और हर समय चुप रहना, दोनों अनुचित हो सकते हैं। वर्षा और धूप की अधिकता का उदाहरण देकर संतुलन की सीख दी गई है।

शब्दार्थ: अति: अत्यधिक; चूप: चुप; बरसना: वर्षा होना।

जीवन से उदाहरण: पढ़ाई, खेल और डिजिटल उपकरणों के उपयोग में उचित संतुलन।

मुख्य सीख: संयम और संतुलन

दोहा 5: मधुर और विनम्र वाणी

पहचान के लिए आरंभिक पंक्ति: ऐसी बानी बोलिए, मन का आपा खोय।

विस्तृत भावार्थ: अहंकार छोड़कर बोली गई शीतल वाणी सुनने वाले और बोलने वाले दोनों को अच्छा अनुभव देती है। मधुर वाणी का अर्थ अन्याय के सामने मौन रहना नहीं है।

शब्दार्थ: बानी: वाणी; आपा: अहंकार; सीतल: शीतल; आपहुँ: स्वयं भी।

जीवन से उदाहरण: असहमति को अपमान किए बिना स्पष्ट करना।

मुख्य सीख: विनम्र संवाद

दोहा 6: निंदक से आत्मसुधार

पहचान के लिए आरंभिक पंक्ति: निंदक नियरे राखिए, आँगन कुटी छवाय।

विस्तृत भावार्थ: रचनात्मक आलोचना व्यक्ति को कमियाँ दिखाती है। कबीर इसे बिना साबुन-पानी स्वभाव साफ करने के रूपक से समझाते हैं। उत्पीड़न या अपमान सहना आवश्यक नहीं है।

शब्दार्थ: निंदक: आलोचक; नियरे: पास; कुटी: झोंपड़ी; सुभाय: स्वभाव।

जीवन से उदाहरण: शिक्षक की प्रतिक्रिया से लेखन सुधारना।

मुख्य सीख: आत्मचिंतन और सुधार

दोहा 7: सूप जैसा विवेक

पहचान के लिए आरंभिक पंक्ति: साधू ऐसा चाहिए, जैसा सूप सुभाय।

विस्तृत भावार्थ: सूप अनाज के उपयोगी दाने बचाकर भूसा अलग करता है। समझदार व्यक्ति भी अच्छे विचार अपनाता और निरर्थक बातों को छोड़ता है।

शब्दार्थ: सूप: अनाज फटकने का उपकरण; सार: उपयोगी तत्व; थोथा: निस्सार।

जीवन से उदाहरण: ऑनलाइन सूचना को विश्वसनीय स्रोत से जाँचकर स्वीकार करना।

मुख्य सीख: विवेक और चयन

दोहा 8: मन की चंचलता और संगति

पहचान के लिए आरंभिक पंक्ति: कबिरा मन पंछी भया, भावै तहवाँ जाय।

विस्तृत भावार्थ: मन को पक्षी की तरह चंचल बताया गया है। जिन विचारों और लोगों के साथ हम समय बिताते हैं, उनका हमारी आदतों पर प्रभाव पड़ सकता है।

शब्दार्थ: पंछी: पक्षी; भावै: मन चाहे; तहवाँ: वहाँ; संगति: साथ।

जीवन से उदाहरण: ऐसे मित्रों का साथ चुनना जो सीखने और सहयोग के लिए प्रेरित करें।

मुख्य सीख: सजग संगति

एक नजर में आठों दोहों के संदेश

दोहा और पूरा विषयप्रमुख प्रतीकजीवन में सीख
1. सत्य का महत्त्वसाँच बराबर तप नहीं, झूठ बराबर पाप।सत्य और नैतिक साहस
2. खजूर के पेड़ का दृष्टांतबड़ा हुआ तो क्या हुआ, जैसे पेड़ खजूर।परोपकार और उपयोगी नेतृत्व
3. गुरु का महत्त्वगुरु गोविंद दोऊ खड़े, काके लागौं पाँय।मार्गदर्शन और कृतज्ञता
4. अति से बचनाअति का भला न बोलना, अति का भला न चूप।संयम और संतुलन
5. मधुर और विनम्र वाणीऐसी बानी बोलिए, मन का आपा खोय।विनम्र संवाद
6. निंदक से आत्मसुधारनिंदक नियरे राखिए, आँगन कुटी छवाय।आत्मचिंतन और सुधार
7. सूप जैसा विवेकसाधू ऐसा चाहिए, जैसा सूप सुभाय।विवेक और चयन
8. मन की चंचलता और संगतिकबिरा मन पंछी भया, भावै तहवाँ जाय।सजग संगति

कठिन शब्दार्थ: पूरे अर्थ और प्रसंग

दोहा या प्रसंगशब्दअर्थ
सत्यसाँचसत्य
सत्यहिरदेहृदय
सत्यतपसाधना
खजूरपंथीराहगीर
खजूरलागैलगते हैं
गुरुदोऊदोनों
गुरुकाकेकिसके
गुरुलागौं पाँयचरण छूऊँ
गुरुबलिहारीन्योछावर
संतुलनअतिअत्यधिक
संतुलनचूपचुप
वाणीबानीवाणी
वाणीआपाअहंकार
वाणीसीतलशीतल
वाणीआपहुँस्वयं भी
आलोचनानिंदकआलोचक
आलोचनानियरेनिकट
आलोचनाकुटीझोंपड़ी
आलोचनासुभायस्वभाव
विवेकसूपअनाज फटकने का उपकरण
विवेकसारमहत्त्वपूर्ण तत्व
विवेकथोथानिस्सार
विवेकगहि रहैपकड़कर रखता है
संगतिपंछीपक्षी
संगतिभावैमन चाहे
संगतितहवाँवहाँ
संगतिसंगतिसाथ या मेलजोल

मेरी समझ से: आठ पूरे बहुविकल्पीय प्रश्न, सभी विकल्प और व्याख्या

पहले तीन प्रश्नों के विकल्प पाठ्यपुस्तक अभ्यास से सत्यापित आशय के अनुसार दिए गए हैं। शेष पाँच प्रश्न अभ्यास-विषयों पर आधारित मौलिक पूरक MCQs हैं, इन्हें पाठ्यपुस्तक के हूबहू प्रश्न न समझें।

प्रश्न 1. गुरु और गोविंद के सामने होने वाले दोहे में किसका महत्त्व मुख्य रूप से बताया गया है?

(क) श्रम का महत्त्व | (ख) गुरु का महत्त्व | (ग) ज्ञान का महत्त्व | (घ) भक्ति का महत्त्व

व्याख्या: गुरु को सम्मान इसलिए दिया गया है कि वे ज्ञान देकर ईश्वर की पहचान कराते हैं।

सही उत्तर: मुख्य उत्तर (ख) गुरु का महत्त्व; (ग) ज्ञान का महत्त्व भी संदर्भ से उचित हो सकता है।

प्रश्न 2. अधिक बोलने, चुप रहने, वर्षा और धूप की अधिकता वाले दोहे का मुख्य संदेश क्या है?

(क) हमेशा चुप रहना चाहिए | (ख) धूप और वर्षा से बचना चाहिए | (ग) हर परिस्थिति में संतुलन आवश्यक है | (घ) केवल मीठी वाणी बोलनी चाहिए

व्याख्या: दोहे में ‘अति’ की पुनरावृत्ति संयम पर बल देती है।

सही उत्तर: (ग) हर परिस्थिति में संतुलन आवश्यक है।

प्रश्न 3. ऊँचे खजूर के पेड़ वाला दोहा किस जीवन-कौशल पर बल देता है?

(क) समय का सदुपयोग | (ख) दूसरों के काम आना | (ग) केवल परिश्रम करना | (घ) सभी के प्रति उदार रहना

व्याख्या: खजूर का ऊँचा होना उपयोगिता के बिना व्यर्थ बताया गया है।

सही उत्तर: मुख्य उत्तर (ख) दूसरों के काम आना; (घ) उदार रहना भी उचित है।

प्रश्न 4. निंदक को पास रखने का संदेश किससे जुड़ा है?

(क) आलोचना से सीखना | (ख) हर अपमान स्वीकार करना | (ग) गलतियों को छिपाना | (घ) दूसरों की निंदा करना

व्याख्या: निंदक से आत्मसुधार का अवसर मिलता है, लेकिन दुर्व्यवहार स्वीकार करना जरूरी नहीं।

सही उत्तर: (क) आलोचना से सीखना।

प्रश्न 5. ‘ऐसी बानी बोलिए’ दोहे में कौन-सा व्यवहार उचित है?

(क) क्रोध में बोलना | (ख) अहंकार छोड़कर विनम्र बोलना | (ग) झूठी प्रशंसा करना | (घ) सभी प्रश्नों पर चुप रहना

व्याख्या: शीतल वाणी दोनों पक्षों को शांति देती है।

सही उत्तर: (ख) अहंकार छोड़कर विनम्र बोलना।

प्रश्न 6. ‘साधू ऐसा चाहिए, जैसा सूप सुभाय’ में किस गुण की प्रशंसा है?

(क) दिखावा | (ख) विवेक | (ग) क्रोध | (घ) आलस्य

व्याख्या: सूप की तरह सार और निरर्थक में अंतर करना चाहिए।

सही उत्तर: (ख) विवेक।

प्रश्न 7. ‘साँच बराबर तप नहीं’ में किस गुण को श्रेष्ठ बताया गया है?

(क) धन | (ख) शक्ति | (ग) सत्य | (घ) पद

व्याख्या: सत्य को तपस्या जैसा महत्त्व दिया गया है।

सही उत्तर: (ग) सत्य।

प्रश्न 8. मन को पक्षी जैसा कहने वाले दोहे का संदेश क्या है?

(क) मन कभी बदलता नहीं | (ख) संगति और विचारों का प्रभाव पड़ता है | (ग) सभी पक्षी एक जैसे हैं | (घ) अकेले रहना आवश्यक है

व्याख्या: चंचल मन के लिए विवेकपूर्ण संगति जरूरी है।

सही उत्तर: (ख) संगति और विचारों का प्रभाव पड़ता है।

समूह चर्चा का पूरा प्रश्न: यदि साथियों ने अलग-अलग विकल्प चुने हों तो अपने चयन का कारण कैसे समझाएँगे?

उत्तर: प्रत्येक विकल्प को दोहे की पंक्ति और उसके केंद्रीय संदेश से जोड़कर समझाएँ। कुछ प्रश्नों में एक से अधिक विकल्प उचित हो सकते हैं। उदाहरण के लिए खजूर वाला दोहा दूसरों के काम आने और उदार रहने, दोनों पर बल देता है।

मिलकर करें मिलान (क): आठ पूरे प्रश्न, अर्थ और कारण

दोहा-आधारित पूरा प्रश्नसही स्तंभ 2 क्रमांक और अर्थक्यों सही है
गुरु और गोविंद के सामने होने की स्थिति किस विचार से मेल खाती है?3. गुरु मार्गदर्शन करते हैं और शिष्य गुरु का आदर करता है।गुरु ने गोविंद तक पहुँचने का मार्ग दिखाया।
बहुत अधिक बोलने या चुप रहने का विचार किससे मेल खाता है?5. जीवन में संतुलन महत्त्वपूर्ण है।‘अति’ से बचना केंद्रीय संदेश है।
अहंकार छोड़कर मधुर वाणी बोलने का विचार किससे मेल खाता है?6. मधुर वाणी से मन को शांति मिलती है।शीतलता बोलने और सुनने वाले दोनों को मिलती है।
निंदक को निकट रखने का विचार किससे मेल खाता है?8. आलोचक गलतियाँ बताकर सुधार का अवसर देता है।आलोचना से स्वभाव सुधर सकता है।
सूप की तरह सार ग्रहण करने का विचार किससे मेल खाता है?7. विवेकशील व्यक्ति अच्छे और बुरे की पहचान करता है।सूप सार और थोथे को अलग करता है।
मन को चंचल पक्षी बताने का विचार किससे मेल खाता है?4. मन को सही दिशा देना महत्त्वपूर्ण है।संगति विचारों पर प्रभाव डाल सकती है।
सत्य को तप और झूठ को पाप बताने का विचार किससे मेल खाता है?1. सत्य का पालन महत्त्वपूर्ण और झूठ दोषपूर्ण है।सत्यनिष्ठ आचरण का संदेश है।
खजूर के पेड़ का उदाहरण किससे मेल खाता है?2. बड़ा होने के साथ उदार और उपयोगी होना चाहिए।केवल ऊँचाई पर्याप्त नहीं है।

पाठ्यपुस्तक के स्तंभ क्रम के अनुसार उत्तर: 1-3, 2-5, 3-6, 4-8, 5-7, 6-4, 7-1, 8-2।

मिलकर करें मिलान (ख): दोहों की पहली और दूसरी पंक्तियों का मिलान

पहली पंक्ति से जुड़ा पूरा प्रश्नदूसरी पंक्ति का सही क्रमांक और पाठसही मिलान का कारण
‘गुरु गोविंद दोऊ खड़े, काके लागौं पाँय’ की अगली पंक्ति कौन-सी है?8. बलिहारी गुरु आपने, गोविंद दियो बताय।गुरु को प्राथमिकता देने का कारण स्पष्ट होता है।
‘अति का भला न बोलना, अति का भला न चूप’ की अगली पंक्ति कौन-सी है?6. अति का भला न बरसना, अति की भली न धूप।वर्षा और धूप से अति का उदाहरण पूरा होता है।
‘ऐसी बानी बोलिए, मन का आपा खोय’ की अगली पंक्ति कौन-सी है?2. औरन को सीतल करै, आपहुँ सीतल होय।विनम्र वाणी का परिणाम बताया गया है।
‘निंदक नियरे राखिए, आँगन कुटी छवाय’ की अगली पंक्ति कौन-सी है?1. बिन पानी साबुन बिना, निर्मल करै सुभाय।निंदक की उपयोगिता समझाई गई है।
‘साधू ऐसा चाहिए, जैसा सूप सुभाय’ की अगली पंक्ति कौन-सी है?4. सार सार को गहि रहै, थोथा देइ उड़ाय।सूप की छँटाई का दृष्टांत पूरा होता है।
‘कबिरा मन पंछी भया, भावै तहवाँ जाय’ की अगली पंक्ति कौन-सी है?7. जो जैसी संगति करै, सो तैसा फल पाय।मन और संगति के संबंध का निष्कर्ष है।
‘बड़ा हुआ तो क्या हुआ, जैसे पेड़ खजूर’ की अगली पंक्ति कौन-सी है?5. पंथी को छाया नहीं, फल लागै अति दूर।खजूर की अनुपयोगिता स्पष्ट होती है।
‘साँच बराबर तप नहीं, झूठ बराबर पाप’ की अगली पंक्ति कौन-सी है?3. जाके हिरदे साँच है, ता हिरदे गुरु आप।सच्चे मन की नैतिक चेतना की बात है।

पाठ्यपुस्तक के स्तंभ क्रम के अनुसार उत्तर: 1-8, 2-6, 3-2, 4-1, 5-4, 6-7, 7-5, 8-3।

पंक्तियों पर चर्चा: चार प्रश्न और विस्तृत समाधान

प्रश्न 1. ‘कबिरा मन पंछी भया, भावै तहवाँ जाय’ का भावार्थ समझाइए।

व्याख्या: पक्षी की तरह मन विचारों के बीच भटक सकता है। संगति और परिवेश उसके निर्णयों को प्रभावित करते हैं।

उत्तर: कबीर सजग मन और अच्छी संगति की शिक्षा देते हैं।

प्रश्न 2. ‘जाके हिरदे साँच है, ता हिरदे गुरु आप’ से क्या समझते हैं?

व्याख्या: हृदय में सत्य हो तो नैतिक विवेक और सही मार्गदर्शन का अनुभव होता है।

उत्तर: सत्यनिष्ठा मनुष्य को सही आचरण की दिशा देती है।

प्रश्न 3. ‘निंदक नियरे राखिए’ की शिक्षा आज कैसे उपयोगी है?

व्याख्या: रचनात्मक प्रतिक्रिया कमियों की पहचान कराती है। हर आलोचना सही नहीं होती, इसलिए विवेक जरूरी है।

उत्तर: सही प्रतिक्रिया स्वीकार कर सुधार करें और अपमानजनक व्यवहार से सुरक्षित सीमा रखें।

प्रश्न 4. ‘साधू ऐसा चाहिए, जैसा सूप सुभाय’ का अर्थ क्या है?

व्याख्या: सूप दाने और भूसे को अलग करता है।

उत्तर: विवेकशील व्यक्ति उपयोगी ज्ञान ग्रहण करता और निरर्थक बात छोड़ता है।

अनुमान और कल्पना से: छह पूरे प्रश्न और नमूना उत्तर

प्रश्न 1. यदि आपके सामने गुरु और ईश्वर दोनों हों तो आप किसे पहले सम्मान देंगे और क्यों?

व्याख्या: यह कल्पना और मूल्य-आधारित प्रश्न है; कबीर की दृष्टि समझना आवश्यक है।

उत्तर: नमूना: मैं गुरु को पहले प्रणाम करूँगा क्योंकि गुरु ने ही मुझे सही मार्ग और ईश्वर की समझ दी है।

प्रश्न 2. यदि संसार में शिक्षक या गुरु न हों तो सीखने की प्रक्रिया पर क्या असर पड़ेगा?

व्याख्या: सीखना परिवार, पुस्तकों और अनुभव से भी संभव है, पर मार्गदर्शन का महत्त्व कम नहीं होता।

उत्तर: विद्यार्थियों को सही दिशा, कठिन विषयों की व्याख्या और प्रतिक्रिया मिलने में कठिनाई होगी।

प्रश्न 3. यदि कोई मित्र आपकी गलती बताए तो आप क्या करेंगे?

व्याख्या: सही आलोचना और व्यक्तिगत अपमान में अंतर करना चाहिए।

उत्तर: मैं शांतिपूर्वक सुनकर तथ्य जाँचूँगा और आवश्यक सुधार करूँगा।

प्रश्न 4. क्या मधुर वाणी का अर्थ हमेशा सहमत रहना है?

व्याख्या: विनम्रता और असहमति एक साथ संभव हैं।

उत्तर: नहीं। मैं सम्मानजनक भाषा में अपनी अलग राय स्पष्ट कर सकता हूँ।

प्रश्न 5. ऊँचे पद पर पहुँचने पर दूसरों की सहायता कैसे करेंगे?

व्याख्या: उपयोगी नेतृत्व सेवा और जिम्मेदारी से जुड़ा है।

उत्तर: मैं जानकारी साझा करूँगा, जरूरतमंदों को अवसर दूँगा और सबकी बात सुनूँगा।

प्रश्न 6. इंटरनेट की सूचना को सूप की तरह कैसे छाँटेंगे?

व्याख्या: स्रोत, तिथि, प्रमाण और अन्य विश्वसनीय स्रोतों से पुष्टि आवश्यक है।

उत्तर: विश्वसनीय जानकारी रखूँगा और अफवाह या अप्रमाणित दावों को साझा नहीं करूँगा।

दोहे की रचना: छंद, मात्रा और काव्य-सौंदर्य

दोहा दो पंक्तियों और चार चरणों वाला मात्रिक छंद है। परंपरागत मात्रा-क्रम 13, 11, 13 और 11 है। मात्रा-गणना में वास्तविक उच्चारण और पाठभेद का ध्यान रखें। कबीर के दोहों में दैनिक जीवन से दृष्टांत, उपमा, रूपक, दोहराव और लोकभाषा प्रमुख हैं।

पूरा प्रश्नउत्तरकारण या उदाहरण
दोहा कितनी पंक्तियों का छंद है?दो पंक्तियों का।प्रत्येक पंक्ति में दो चरण होते हैं।
चार चरणों की मात्राएँ कितनी होती हैं?13, 11, 13, 11।विषम चरण 13 और सम चरण 11।
‘जैसे पेड़ खजूर’ में कौन-सा अलंकार है?उपमा।‘जैसे’ तुलना का संकेत है।
‘मन पंछी भया’ में कौन-सा काव्य प्रयोग है?रूपकात्मक अभिव्यक्ति।मन को पक्षी के रूप में दिखाया गया है।
‘अति’ के दोहराव से क्या प्रभाव पड़ता है?संतुलन पर बल।एक शब्द की आवृत्ति संदेश यादगार बनाती है।
सूप का उदाहरण क्या है?दृष्टांत और उपमा।सार और थोथे के चयन से विवेक समझाया है।

शब्द से जुड़े शब्द: कबीर का शब्द-जाल

प्रश्न: ‘कबीर’ शब्द से जुड़े दस शब्द लिखिए और उनके अर्थ समझाइए।

संबंधित शब्दकबीर की वाणी से संबंध
सत्यसाँच का महत्त्व
दोहाकाव्य का छंद
गुरुज्ञान का मार्गदर्शक
भक्तिआध्यात्मिक साधना
परोपकारदूसरों के काम आना
संतुलनअति से बचना
वाणीविनम्र बोलना
निंदकआलोचना से सीखना
विवेकसार ग्रहण करना
संगतिसाथियों का प्रभाव

दोहे और कहावतें: पूरा मिलान और उदाहरण

किस दोहे से जुड़ी कहावत खोजनी है?उपयुक्त कहावत या उक्तिसंबंध का कारण
मन और संगति वाले दोहे से कौन-सी कहावत जुड़ती है?जैसा संग, वैसा रंग।संगति से आदतों पर प्रभाव पड़ता है।
सत्य वाले दोहे से कौन-सी उक्ति जुड़ती है?सत्य की जीत होती है।ईमानदारी का महत्त्व।
खजूर वाले दोहे से कौन-सी उक्ति जुड़ती है?बड़ा वही जो दूसरों के काम आए।उपयोगिता बाहरी बड़प्पन से श्रेष्ठ।
अति वाले दोहे से कौन-सी उक्ति जुड़ती है?अति सर्वत्र वर्जयेत्।अधिकता से बचने की सीख।
मधुर वाणी वाले दोहे से कौन-सी उक्ति जुड़ती है?मीठे बोल मन जीतते हैं।विनम्र संवाद का प्रभाव।

आपकी बात: निजी अनुभव पर आधारित प्रश्न

प्रश्न 1. आपके जीवन में किसने सही दिशा दिखाने में सहायता की और कैसे?

व्याख्या: व्यक्ति का नाम, समस्या, मिली सलाह और परिणाम बताइए।

उत्तर: नमूना: मेरे शिक्षक ने कठिन गणित प्रश्न को चरणों में बाँटना सिखाया। इससे मेरा आत्मविश्वास बढ़ा।

प्रश्न 2. किसी ने आपकी गलती बताई तो आपने क्या सीखा?

व्याख्या: सुधार और अपमान में अंतर रखते हुए अनुभव लिखें।

उत्तर: नमूना: मित्र ने मेरी प्रस्तुति की गति बहुत तेज बताई। अभ्यास करके मैंने धीरे बोलना सीखा।

प्रश्न 3. क्या कभी संगति के कारण आपकी आदत बदली?

व्याख्या: उत्तर व्यक्तिगत है और सही या गलत संगति के प्रभाव का उदाहरण दे सकता है।

उत्तर: नमूना: पुस्तकें पढ़ने वाले मित्रों के साथ समय बिताकर मेरी पढ़ने की आदत बढ़ी।

प्रश्न 4. आप दूसरों के काम आने के लिए क्या कर सकते हैं?

व्याख्या: परोपकार छोटे कार्यों से भी संभव है।

उत्तर: नमूना: मैं नए विद्यार्थी को कक्षा का समय-सारणी समझा सकता हूँ।

आज के समय में कबीर: छह संदर्भ और उत्तर

पूरा परिस्थितिजन्य प्रश्नसंबंधित दोहा और संदेशव्यावहारिक उत्तर
सोशल मीडिया पर अफवाह मिले तो क्या करेंगे?सूप जैसा विवेक।स्रोत और तथ्य जाँचकर ही साझा करेंगे।
स्क्रीन समय बहुत बढ़ जाए तो क्या करेंगे?अति से बचना।नियमित विराम और संतुलित दिनचर्या बनाएँगे।
किसी ने आपके उत्तर की गलती बताई तो क्या करेंगे?निंदक से सीखना।सही प्रतिक्रिया से उत्तर सुधारेंगे।
मित्र से मतभेद होने पर कैसे बोलेंगे?मधुर वाणी।सम्मानपूर्वक अपनी बात कहेंगे।
नेतृत्व का अवसर मिलने पर क्या करेंगे?खजूर के उदाहरण से परोपकार।सबके हित के काम करेंगे।
दोस्त गलत काम के लिए उकसाएँ तो क्या करेंगे?संगति का प्रभाव।स्पष्ट मना कर विश्वसनीय वयस्क की सहायता लेंगे।

आधुनिक विषयों पर मौलिक दो पंक्तियाँ

प्रश्न: पर्यावरण, साइबर सुरक्षा या सोशल मीडिया पर दो-दो मौलिक पंक्तियाँ लिखिए।

व्याख्या: नीचे दिए गए उदाहरण विद्यार्थियों के लिए मौलिक अभ्यास हैं। इन्हें कबीर के मूल दोहे या 13-11 मात्रा योजना में सिद्ध दोहे के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जा रहा है।

पूरा विषय और प्रश्नदो मौलिक नमूना पंक्तियाँसंदेश
पर्यावरण बचाने पर दो पंक्तियाँ लिखिए।पेड़ों की छाया बचाओ, नदियों को स्वच्छ बनाओ। हरियाली के साथ मिलकर, जीवन में खुशियाँ लाओ।प्रकृति संरक्षण
साइबर सुरक्षा पर दो पंक्तियाँ लिखिए।अजनबी संदेशों से सावधान, अपनी जानकारी रखो सुरक्षित। सोच-समझकर लिंक खोलो, डिजिटल जग में रहो जागरूक।ऑनलाइन सुरक्षा
सोशल मीडिया की अधिकता पर दो पंक्तियाँ लिखिए।स्क्रीन के संग समय न खोना, मित्रों से भी बातें करना। पढ़ना, खेलना, सीखना मिलकर, जीवन में संतुलन भरना।संयम
सत्य और ईमानदारी पर दो पंक्तियाँ लिखिए।सच्चाई का साथ निभाना, कठिन घड़ी में मत घबराना। अपने कर्मों से पहचानो, जीवन में विश्वास कमाना।सत्यनिष्ठा

पढ़ने के लिए: ‘कदम मिलाकर चलना होगा’

पाठ के साथ अटल बिहारी वाजपेयी की ‘कदम मिलाकर चलना होगा’ कविता पूरक पठन के रूप में दी गई है। इसमें कठिन परिस्थितियों में साथ चलने, सामूहिक संकल्प और साहस का भाव है। यह कबीर की रचना नहीं है।

प्रश्न 1. ‘कदम मिलाकर चलना होगा’ का केंद्रीय संदेश क्या है?

व्याख्या: कठिनाई में मिलकर आगे बढ़ना और हार न मानना इसका प्रमुख भाव है।

उत्तर: एकता, साहस और साझा जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ना।

प्रश्न 2. इस कविता और कबीर के दोहों में कौन-सी समानता है?

व्याख्या: दोनों बेहतर आचरण और जीवन के प्रति सजग दृष्टि को प्रेरित करते हैं।

उत्तर: कबीर विवेक और सत्य सिखाते हैं, जबकि पूरक कविता सामूहिक संकल्प पर बल देती है।

बीस मौलिक पुनरावृत्ति प्रश्न और व्याख्यासहित उत्तर

अभ्यास 1. ‘कबीर के दोहे’ पाठ में कितने दोहे हैं?

व्याख्या: आठ दोहे।

उत्तर: पाठ में आठ नैतिक विषय हैं।

अभ्यास 2. कबीर किस काव्य परंपरा से जुड़े हैं?

व्याख्या: निर्गुण भक्ति परंपरा।

उत्तर: उनकी वाणी अनुभव और सत्य पर बल देती है।

अभ्यास 3. सत्य को किसके बराबर बताया गया है?

व्याख्या: तपस्या के बराबर।

उत्तर: सत्यनिष्ठा का ऊँचा महत्त्व है।

अभ्यास 4. झूठ की तुलना किससे की गई है?

व्याख्या: पाप से।

उत्तर: नैतिक दोष का संकेत है।

अभ्यास 5. खजूर किसका प्रतीक है?

व्याख्या: उपयोगिता रहित बाहरी बड़प्पन।

उत्तर: ऊँचाई पर्याप्त नहीं है।

अभ्यास 6. ‘पंथी’ किसे कहते हैं?

व्याख्या: राहगीर को।

उत्तर: खजूर के उदाहरण में आया है।

अभ्यास 7. गुरु को सम्मान क्यों दिया गया है?

व्याख्या: ज्ञान का मार्ग दिखाने के लिए।

उत्तर: गोविंद की पहचान गुरु से होती है।

अभ्यास 8. ‘दोऊ’ का अर्थ क्या है?

व्याख्या: दोनों।

उत्तर: गुरु और गोविंद के संदर्भ में।

अभ्यास 9. ‘अति’ का क्या अर्थ है?

व्याख्या: अत्यधिक होना।

उत्तर: संयम की सीख है।

अभ्यास 10. ‘चूप’ का आधुनिक रूप क्या है?

व्याख्या: चुप।

उत्तर: लोकभाषा का शब्द है।

अभ्यास 11. ‘आपा’ का अर्थ क्या है?

व्याख्या: अहंकार।

उत्तर: वाणी वाले दोहे में।

अभ्यास 12. ‘सीतल’ का आधुनिक रूप क्या है?

व्याख्या: शीतल।

उत्तर: शांत करने वाला।

अभ्यास 13. ‘निंदक’ किसे कहते हैं?

व्याख्या: आलोचना करने वाले व्यक्ति को।

उत्तर: रचनात्मक आलोचना से सीखें।

अभ्यास 14. ‘नियरे’ का अर्थ क्या है?

व्याख्या: निकट।

उत्तर: निंदक को पास रखने का आशय है।

अभ्यास 15. ‘सूप’ का उपयोग क्या है?

व्याख्या: अनाज फटककर भूसा अलग करना।

उत्तर: विवेक का प्रतीक है।

अभ्यास 16. ‘सार’ का अर्थ क्या है?

व्याख्या: महत्त्वपूर्ण या उपयोगी तत्व।

उत्तर: अच्छी बात अपनाना।

अभ्यास 17. ‘थोथा’ का अर्थ क्या है?

व्याख्या: निस्सार या खोखला।

उत्तर: अनुपयोगी बात छोड़ना।

अभ्यास 18. मन की तुलना किससे हुई है?

व्याख्या: पक्षी से।

उत्तर: मन की चंचलता का बिंब है।

अभ्यास 19. ‘संगति’ का अर्थ क्या है?

व्याख्या: साथ या मेलजोल।

उत्तर: व्यवहार पर असर पड़ सकता है।

अभ्यास 20. दोहा छंद की मात्रा-योजना क्या है?

व्याख्या: 13, 11, 13, 11।

उत्तर: चार चरणों की परंपरागत मात्राएँ हैं।

दस अतिरिक्त MCQs: पूरे प्रश्न, चार विकल्प और कारण

अतिरिक्त MCQ 1. ‘साँच’ का आधुनिक रूप क्या है?

(क) सत्य | (ख) स्वप्न | (ग) शक्ति | (घ) संकल्प

व्याख्या: साँच का अर्थ सत्य है।

सही उत्तर: (क) सत्य

अतिरिक्त MCQ 2. ‘पंथी’ किसे कहते हैं?

(क) शिक्षक | (ख) राहगीर | (ग) आलोचक | (घ) कवि

व्याख्या: खजूर के दोहे में यात्री है।

सही उत्तर: (ख) राहगीर

अतिरिक्त MCQ 3. ‘आपा’ किसका नाम है?

(क) विनम्रता | (ख) अहंकार | (ग) जल | (घ) छाया

व्याख्या: मधुर वाणी के लिए आपा छोड़ना है।

सही उत्तर: (ख) अहंकार

अतिरिक्त MCQ 4. ‘नियरे’ का अर्थ क्या है?

(क) दूर | (ख) निकट | (ग) ऊपर | (घ) नीचे

व्याख्या: निंदक को पास रखने का संदेश है।

सही उत्तर: (ख) निकट

अतिरिक्त MCQ 5. ‘सूप’ किस कार्य में आता है?

(क) अनाज फटकना | (ख) जल मापना | (ग) भोजन पकाना | (घ) चित्र बनाना

व्याख्या: सार और भूसे को अलग करता है।

सही उत्तर: (क) अनाज फटकना

अतिरिक्त MCQ 6. ‘थोथा’ का अर्थ क्या है?

(क) सार्थक | (ख) निस्सार | (ग) गहरा | (घ) भारी

व्याख्या: उपयोगी सार का विपरीत है।

सही उत्तर: (ख) निस्सार

अतिरिक्त MCQ 7. कबीर किससे बचने को कहते हैं?

(क) संतुलन | (ख) अति | (ग) सत्य | (घ) विनम्रता

व्याख्या: अधिकता हानिकारक हो सकती है।

सही उत्तर: (ख) अति

अतिरिक्त MCQ 8. गुरु के दोहे में मुख्य मूल्य क्या है?

(क) कृतज्ञता | (ख) घमंड | (ग) आलस्य | (घ) क्रोध

व्याख्या: गुरु के मार्गदर्शन का सम्मान है।

सही उत्तर: (क) कृतज्ञता

अतिरिक्त MCQ 9. मन को किससे तुलना की गई है?

(क) सागर | (ख) पक्षी | (ग) पर्वत | (घ) दीपक

व्याख्या: मन की चंचलता दिखती है।

सही उत्तर: (ख) पक्षी

अतिरिक्त MCQ 10. दोहा छंद की मात्रा-योजना क्या है?

(क) 13-11-13-11 | (ख) 12-12-12-12 | (ग) 10-10-10-10 | (घ) 16-16-16-16

व्याख्या: विषम चरण 13 और सम चरण 11।

सही उत्तर: (क) 13-11-13-11

उच्चस्तरीय प्रश्न और सामान्य गलतियों का सुधार

प्रश्न 1. क्या किसी का बड़ा पद उसे अपने आप महान बनाता है?

व्याख्या: खजूर के उदाहरण में पद या ऊँचाई को उपयोगिता से परखा गया है।

उत्तर: नहीं। दूसरों के प्रति जिम्मेदारी और सेवा भी आवश्यक हैं।

प्रश्न 2. क्या सभी आलोचनाएँ सही होती हैं?

व्याख्या: कभी आलोचना तथ्यात्मक होती है, कभी गलत या अपमानजनक।

उत्तर: नहीं। प्रमाण और उद्देश्य देखकर उपयोगी आलोचना अपनाएँ।

प्रश्न 3. क्या मधुर वाणी का अर्थ कठिन सच न कहना है?

व्याख्या: कबीर अहंकार छोड़ने की बात करते हैं, सत्य छोड़ने की नहीं।

उत्तर: नहीं। सत्य को सम्मानपूर्वक और स्पष्ट कहना चाहिए।

प्रश्न 4. क्या अच्छी संगति सफलता की गारंटी है?

व्याख्या: संगति का प्रभाव होता है, लेकिन व्यक्तिगत प्रयास और परिस्थितियाँ भी महत्त्वपूर्ण हैं।

उत्तर: नहीं। अच्छी संगति के साथ स्वयं के निर्णय और अभ्यास भी जरूरी हैं।

गलत समझ या अधूरा उत्तरसही सुधार
सत्य का अर्थ केवल बोलना है।सत्य आचरण और ईमानदारी से भी जुड़ा है।
खजूर का पेड़ प्रकृति में अनुपयोगी है।यह नैतिक संदेश का साहित्यिक दृष्टांत है, वनस्पति-विज्ञान का निर्णय नहीं।
गुरु के दोहे में ज्ञान का कोई महत्त्व नहीं है।गुरु का सम्मान उनके ज्ञान और मार्गदर्शन से जुड़ा है।
अति वाले दोहे में केवल वर्षा और धूप की बात है।वर्षा और धूप संतुलन के उदाहरण हैं।
मधुर वाणी का अर्थ झूठी प्रशंसा है।विनम्रता के साथ सत्य बोलना चाहिए।
निंदक के नाम पर उत्पीड़न सहना जरूरी है।रचनात्मक आलोचना और दुर्व्यवहार अलग हैं।
सूप केवल कृषि उपकरण के रूप में आया है।सूप विवेक का दृष्टांत है।
संगति का प्रभाव निश्चित और अपरिवर्तनीय होता है।संगति प्रभाव डाल सकती है, पर व्यक्ति निर्णय बदल सकता है।

परीक्षा में उत्तर लिखने की विधि

दोहा-आधारित प्रश्न का उत्तर तीन चरणों में दें: पहले मुख्य विचार लिखें, फिर दोहे के प्रतीक या उदाहरण को समझाएँ, अंत में जीवन से एक उपयुक्त उदाहरण जोड़ें। MCQ में प्रश्न और सभी विकल्प पढ़ें; एक से अधिक उत्तर की अनुमति हो तो दोनों का कारण बताएँ। मिलान में केवल अंक न लिखें, पूरा अर्थ और मिलान का आधार भी समझें।

स्रोत और सत्यापन की सीमाएँ

प्राथमिक स्रोत: एनसीईआरटी कक्षा 8 हिंदी मल्हार, पाठ 5 ‘कबीर के दोहे’। अभ्यास की संरचना और दोनों मिलान-तालिकाओं का मिलान उपलब्ध पाठ्यपुस्तक-आधारित समाधानों से किया गया। जिन MCQ विकल्पों की शब्दशः पुष्टि नहीं हुई, उन्हें मौलिक पूरक अभ्यास बताया गया है। निजी अनुभव, संवाद और आधुनिक विषयों की पंक्तियाँ उदाहरण हैं।

पाठ्यपुस्तक और अध्याय संदर्भ: https://schools.aglasem.com/ncert-books-class-8-hindi-chapter-5/ ; अभ्यास संरचना: https://ncertsolutions.app/hi/kaksha-8/hindi/malhar/chapter-5-kabir-ke-dohe/milkr-kren-milan/

Frequently asked questions

कबीर के दोहे किस कक्षा का पाठ है?

कक्षा 8 हिंदी मल्हार, पाठ 5।

इस पाठ में कितने दोहे हैं?

आठ दोहे।

कबीर कौन थे?

भक्ति परंपरा के प्रसिद्ध संत-कवि।

कबीर की भाषा कैसी है?

विभिन्न लोकबोलियों से बनी सहज भाषा, जिसे सामान्यतः सधुक्कड़ी कहा जाता है।

‘साँच’ का अर्थ क्या है?

सत्य।

सत्य को किसके बराबर बताया गया है?

तपस्या के बराबर।

खजूर के पेड़ से क्या सीख मिलती है?

केवल बड़ा होना नहीं, दूसरों के काम आना महत्त्वपूर्ण है।

गुरु के दोहे का संदेश क्या है?

गुरु के ज्ञान और मार्गदर्शन का सम्मान।

‘अति’ का संदेश क्या है?

संतुलित व्यवहार अपनाना।

‘आपा’ का अर्थ क्या है?

अहंकार।

मधुर वाणी का क्या महत्त्व है?

विनम्र बोलने से संबंध और संवाद बेहतर होते हैं।

‘निंदक’ का अर्थ क्या है?

आलोचक।

निंदक को पास रखने की सीख क्या है?

रचनात्मक आलोचना से सुधार करना।

‘सूप’ किसका प्रतीक है?

विवेक और सार ग्रहण करने का।

‘थोथा’ का अर्थ क्या है?

निस्सार या अनुपयोगी।

मन की तुलना किससे की गई है?

पक्षी से।

संगति का क्या प्रभाव होता है?

विचार और आदतें प्रभावित हो सकती हैं।

दोहा छंद में कितनी मात्राएँ होती हैं?

चार चरणों में क्रमशः 13, 11, 13 और 11।

‘जैसे पेड़ खजूर’ में कौन-सा अलंकार है?

उपमा।

मिलकर करें मिलान (क) का क्रम क्या है?

1-3, 2-5, 3-6, 4-8, 5-7, 6-4, 7-1, 8-2।

मिलकर करें मिलान (ख) का क्रम क्या है?

1-8, 2-6, 3-2, 4-1, 5-4, 6-7, 7-5, 8-3।

पूरक कविता ‘कदम मिलाकर चलना होगा’ किसकी है?

अटल बिहारी वाजपेयी की।

क्या सभी आलोचनाएँ स्वीकार करना आवश्यक है?

नहीं। केवल तथ्यात्मक और उपयोगी आलोचना से सीखें।

क्या आधुनिक विषयों की नमूना पंक्तियाँ कबीर की हैं?

नहीं, वे विद्यार्थियों के लिए मौलिक अभ्यास हैं।

AVAILABLE FOR ANDROID

Start Studying with Krutsha AI Tonight

Join Class 8 to 12 CBSE & NCERT students mastering complex topics. Instant photo doubt solving, zoomable diagram notes, mock tests, and daily WhatsApp updates for parents.

Free daily doubt credits
Class 8th to 12th CBSE & NCERT
Instant setup
Krutsha AI AskAI Instant Doubt Solver
Krutsha AI 4-Step Chapter Learning Hub
Krutsha AI Quiz AI Analysis Report
Krutsha AI Student Leaderboard and Streaks